Mamata Banerjee : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए अभियान को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेताओं द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद, उमर अब्दुल्ला और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस पर सवाल उठाए हैं और कांग्रेस के रुख को खारिज कर दिया है।
उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा था कि ईवीएम का उपयोग उस समय तक सही था, जब इसी मशीन के जरिए उनकी पार्टी संसद में सौ से अधिक सीटों पर पहुंची थी। अब, जब चुनाव के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में नहीं आ रहे, तो यह तर्क देना कि ईवीएम में खामी है, पूरी तरह से तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि जब चुनावों के परिणाम पार्टी के पक्ष में थे, तो किसी ने ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए थे, और अब जब परिणाम विपरीत आ रहे हैं, तो इसे दोष देना निराधार है।
ईवीएम पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
अब टीएमसी (Mamata Banerjee) के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, जो लोग ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए और उन गड़बड़ियों के बारे में डेमो देना चाहिए, जो उन्होंने ईवीएम में पाई हैं। उनका मानना है कि यदि किसी के पास ईवीएम की गड़बड़ी का ठोस सबूत है, तो वह चुनाव आयोग के सामने इसे साबित करे। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हाल ही में चुनाव आयोग ने उन लोगों को बुलाया था, जिनके पास मशीनों से जुड़ी कोई शिकायत थी, और कहा था कि यदि कोई बूथ पर मॉक पोल के दौरान मशीनों की जांच करता है और बाद में काउंटिंग के समय भी ध्यान रखता है, तो कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती।
अभिषेक ने आगे कहा, “अगर किसी को फिर भी लगता है कि ईवीएम में हेरफेर हो सकता है, तो उन्हें इसे चुनाव आयोग के सामने लाकर दिखाना चाहिए। किसी बयानबाजी से कोई फायदा नहीं होने वाला है, यदि आपको आंदोलन करना है तो उसे जमीन पर उतरकर करना होगा।”
इस तरह, ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के लिए एक और बड़ा झटका साबित हुई है। उन्होंने न केवल ईवीएम पर उठाए गए सवालों को खारिज किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई वास्तविक समस्या है तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने लाना चाहिए।


