Akhilesh Yadav : देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बीती रात अंतिम सांस ली। उनके निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। डॉ. मनमोहन सिंह ने देश की राजनीति और आर्थिक नीतियों में अमिट छाप छोड़ी, और उनकी मृत्यु ने हर क्षेत्र में उनका योगदान याद दिलाया।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने उनके निवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया।
अखिलेश यादव का शोक संदेश
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने मनमोहन सिंह को एक ऐसा प्रधानमंत्री बताया, जिनके फैसलों ने देश को बदल कर रख दिया। अखिलेश यादव ने कहा, “मनमोहन सिंह जी ने जिस तरीके से आर्थिक नीतियों पर फैसला लिया, उसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया में बराबरी की स्थिति में खड़े हैं।”
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आगे कहा, यह कहा जाता था कि वह कम बोलते थे, लेकिन उनके फैसले यह दिखाते थे कि वह कितनी सोच-विचार और सूझबूझ के साथ निर्णय लेते थे। उनके फैसलों ने हर क्षेत्र में बड़े बदलाव किए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह का निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। “वह एक अच्छे प्रधानमंत्री के तौर पर हमेशा याद किए जाएंगे। हालांकि वह इतिहास के पन्नों में समा गए हैं, लेकिन उनका योगदान और उनके द्वारा किए गए फैसले हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।
मनमोहन सिंह का राजनीतिक और आर्थिक योगदान
मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक था। उन्हें 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में भारत के वित्तमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था। उन्होंने उस समय देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों की शुरुआत की थी, जिनमें उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के कदम शामिल थे। ये निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में अहम साबित हुए और भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर स्थापित किया। मनमोहन सिंह की कार्यशैली सरल, ईमदार और धैर्यपूर्ण थी। उनका नेतृत्व भारतीय राजनीति में शांति और सोच-विचार के प्रतीक के रूप में जाना जाता था।
निधन के बाद की श्रद्धांजलियां
डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद देशभर से राजनीतिक और समाजिक संगठनों, व्यक्तियों, और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी मृत्यु से न केवल भारतीय राजनीति को नुकसान हुआ है, बल्कि उनके द्वारा किए गए कार्यों और फैसलों की गहरी छाप हमेशा रहेगी। मनमोहन सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, और उनका नाम भारतीय इतिहास में हमेशा एक आदर्श प्रधानमंत्री के रूप में अंकित रहेगा।


