Manmohan Singh death : भारत के दो बार प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह (92) का निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली में उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी समेत कई महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, और इस दौरान देशभर में एक सप्ताह का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सिंह की स्मृति में शोक प्रस्ताव पारित किया गया। शोक की अवधि के दौरान 1 जनवरी 2025 तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर एक वीडियो संदेश में कहा, डॉ. मनमोहन सिंह का निधन राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। विभाजन के समय भारत आने के बाद उन्होंने बहुत कुछ खोया, लेकिन फिर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को हासिल किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों से ऊपर उठकर कैसे महान ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्हें हमेशा एक दयालु व्यक्ति, विद्वान अर्थशास्त्री और सुधारों के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया जाएगा।
अंतिम विदा देने पहुंचे कई नेता और हस्तियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद अवसर पर अपने शुक्रवार के कार्यक्रम को रद्द कर दिया। उन्हें 50 लाख से अधिक ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ वितरित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करना था, लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम को स्थगित किया। साथ ही कर्नाटक के बेलगावी में चल रही कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक भी रद्द कर दी गई।
मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय लाया गया, जहां से उनकी अंतिम यात्रा दिल्ली के निगम बोध घाट तक जाएगी। अंतिम विदाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निगम बोध घाट पहुंचेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मनमोहन सिंह के परिवार को स्वयं कांग्रेस दफ्तर में लेकर गए, जहां कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


