Akhilesh Yadav : संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहेब अंबेडकर पर दिए गए बयान के बाद सियासी हलकों में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बयान को लेकर जहां विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर अपना विरोध दर्ज करा रही है। सपा का यह विरोध अब पोस्टर पॉलिटिक्स में भी बदल गया है, और पार्टी ने लखनऊ में बाबा साहेब अंबेडकर के समर्थन में पोस्टर लगाए हैं, जिन पर लिखा है, “अंबेडकर हैं तो हम हैं।”
अमित शाह के बयान पर सपा का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में संसद में बाबा साहेब अंबेडकर पर बोलते हुए कहा था कि “अंबेडकर-अंबेडकर करना विपक्ष के लिए फैशन बन गया है।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि यदि विपक्षी दल इतने बार भगवान का नाम लेते तो उन्हें सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। इस बयान ने ताबड़तोड़ सियासी हलचल मचा दी और इसे विपक्षी दलों ने बाबा साहेब का अपमान करार दिया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी अमित शाह के इस बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि यह बाबा साहेब का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनका मन विद्वेष से भरा हो, वे देश का क्या भला कर सकते हैं। उनके बयान ने इस मुद्दे को और भी ज्यादा गर्म कर दिया है, और सपा इस मुद्दे को न केवल संसद में, बल्कि सड़क पर भी लेकर आई है।
लखनऊ में पोस्टर पॉलिटिक्स का नया रंग
लखनऊ के 1090 चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं ने एक नया पोस्टर लगाया है, जिसमें अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लिखा है, “हक है, दम है… अंबेडकर हैं तो हम हैं।” यह पोस्टर राष्ट्रीय लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तोकिद खान गुर्जर की ओर से लगवाए गए हैं। सपा द्वारा इस तरह के पोस्टर का लगाया जाना कोई नई बात नहीं है। समाजवादी पार्टी अक्सर इस तरह की पोस्टर पॉलिटिक्स के जरिए अपने विरोध को पुख्ता करती है और राजनीतिक संदेश देती है।
पोस्टर में दिए गए संदेश के जरिए सपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बाबा साहेब के योगदान और उनकी विचारधारा की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह के पोस्टर समाजवादी पार्टी की पहचान बन चुके हैं, जो न केवल पार्टी के समर्थकों को एकजुट करते हैं, बल्कि सियासी संदेश भी भेजते हैं।
सपा का रणनीतिक कदम
समाजवादी पार्टी (Akhilesh Yadav) इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है। पार्टी ने यूपी विधानसभा में भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था और अब वह इसे सड़कों पर लेकर आ गई है। सपा का मकसद इस मुद्दे को हर जन तक पहुंचाना है और इसके माध्यम से भाजपा पर दबाव बनाना है। अखिलेश यादव ने कहा था कि वे इस मुद्दे को किसी भी हालत में हल्के में नहीं लेंगे और इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि समाजवादी पार्टी न केवल सियासी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। अब देखना यह है कि अमित शाह के बयान पर राजनीति के ये नए समीकरण कैसे आकार लेते हैं और इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दल किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं।


