Sambhal : एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि शाही जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी का निर्माण वक्फ की जमीन पर किया जा रहा है। हालांकि, डीएम ने इसे नगर पालिका की संपत्ति बताते हुए आरोपों का खंडन किया था। गुरुवार को डीएम और एसपी ने इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान जारी किया।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि 1905-1906 में बनी कोतवाली भी वक्फ की संपत्ति हो सकती है। उन्होंने वक्फ एक्ट 1995 की धारा 56 का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी जांच और सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही वक्फ एक्ट के उल्लंघन, फर्जीवाड़े और बेनामी संपत्ति के मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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एसपी ने आगे कहा कि एसडीएम, सीओ और ईओ की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि प्राथमिकी किनके खिलाफ दर्ज होगी, तो उन्होंने बताया कि यह फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज होगी। जांच के आधार पर जिन लोगों के दस्तावेज़ संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम (Sambhal) ने कहा कि यह विवाद चार किलोमीटर के दायरे में फैले शहर और आसपास के गांवों की संपत्ति से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध ज़ों में 20 बिंदु दिए गए हैं, जो संपत्ति की चौहद्दी को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में परिभाषित करते हैं।


