Sambhal : संभल की शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। एडवोकेट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने चंदौसी की अदालत में अपनी सर्वे रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार सीलबंद लिफाफे में पेश की है। इस रिपोर्ट में सर्वे के दौरान जुटाए गए सबूतों का विस्तृत विवरण शामिल है, जिसमें मस्जिद के भीतर मंदिर होने के प्रमाणों का उल्लेख किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान मस्जिद की साढ़े चार घंटे की वीडियोग्राफी की गई। पहले दिन करीब डेढ़ घंटे और दूसरे दिन लगभग तीन घंटे का वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 1200 तस्वीरें भी ली गईं। रिपोर्ट में बताया गया है कि मस्जिद परिसर के भीतर दो वट वृक्ष मौजूद हैं, जिनकी पूजा हिंदू धर्म में होती है। इसके अलावा, मस्जिद में एक कुआं है जिसका आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर और आधा बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढक दिया गया है।
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सर्वे (Sambhal) में पुराने निर्माण को बदलने के सबूत भी मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, मस्जिद के गुम्बद के हिस्सों को प्लेन कर दिया गया है और मंदिर के आकार पर प्लास्टर करके पेंट किया गया है। मस्जिद के भीतर 50 से अधिक फूलों के निशान मिले हैं। जहां बड़े गुम्बद हैं, वहां झूमर को तार से बांधकर एक चेन से लटकाया गया है, जो आमतौर पर मंदिरों में घंटियों के लिए उपयोग होती है। यह सबूत मस्जिद के भीतर हिंदू धार्मिक तत्वों की ओर संकेत करते हैं।


