Milkipur Bypoll 2025 Date : उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी।
अब इस सीट पर उपचुनाव होगा और दिलचस्प यह है कि यह उपचुनाव दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ ही होगा। निर्वाचन आयोग ने इस उपचुनाव की तारीखों की घोषणा विज्ञान भवन, दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की। मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार, इस चुनाव के लिए 10 जनवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 17 जनवरी तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, जबकि 18 जनवरी तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 20 जनवरी तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे।
मिल्कीपुर सीट पर सपा और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला
मिल्कीपुर सीट पर सपा और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। पहले यह सीट सपा के पास थी, जहां से अवधेश प्रसाद विधायक थे। उनके फैजाबाद से सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई, जिसके बाद अब उपचुनाव हो रहा है। सपा ने इस सीट से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने अभी तक अपनी तरफ से किसी प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया है।
बीजेपी के लिए नाक का सवाल बनी मिल्कीपुर सीट
मिल्कीपुर सीट बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गई है, खासकर पिछले लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर सपा के अवधेश प्रसाद के हाथों हार का सामना करने के बाद। इस हार ने बीजेपी के लिए यह सीट नाक का सवाल बना दी है। बीजेपी इस उपचुनाव में जीत हासिल कर यह संदेश देना चाहती है कि अयोध्या की जनता अब भी उनके साथ है और पार्टी की जमीन पर पकड़ मजबूत है।
सपा और बीजेपी दोनों की तैयारियां तेज
मिल्कीपुर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद दोनों प्रमुख दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी ने इस उपचुनाव को जीतने के लिए छह मंत्रियों को मैदान में उतारा है। इन मंत्रियों में जेपीएस राठौर, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, सतीश शर्मा, गिरीश यादव और मयंकेश्वर सिंह का नाम शामिल है। यह सभी मंत्री अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही के साथ मिलकर काम करेंगे।
इसके साथ ही बीजेपी के दोनों डिप्टी सीएम, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भी समय-समय पर मिल्कीपुर सीट का दौरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस सीट पर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं।
सपा की रणनीति
सपा भी इस सीट पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है और अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाकर इस सीट को फिर से अपने कब्जे में लेने की पूरी कोशिश करेगी। पार्टी ने अपनी प्रचार गतिविधियों को भी तेज कर दिया है और क्षेत्रीय नेताओं के माध्यम से जनता से जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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