Mahakumbh : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रयागराज में आयोजित हो रहा महाकुंभ देश और दुनिया के लोगों के लिए एक विशेष अवसर है। उन्होंने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत को जानने और अनुभव करने का अद्भुत मंच बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ इस बार 144 वर्षों के बाद एक विशेष मुहूर्त पर आयोजित हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है।
उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में श्रद्धालु इस आयोजन का आध्यात्मिक अनुभव करेंगे। मुख्यमंत्री ने रविवार को ‘गोरखपुर महोत्सव 2025’ के समापन समारोह में कहा कि 13 जनवरी से शुरू होने वाला महाकुंभ 45 दिन तक चलेगा और इसमें करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का हिस्सा बनना केवल भारत जैसे देश में संभव है। उन्होंने कहा कि संगम में स्नान करने से श्रद्धालुओं को अद्वितीय आध्यात्मिक और धार्मिक अनुभव होगा।
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में अक्षय वट कॉरिडोर, मां सरस्वती, बड़े हनुमान मंदिर, महर्षि व्यास, भगवान राम और निषादराज कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, नाग वासुकी, द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम यात्रा जैसी विशेषताएं भी होंगी, जो महाकुंभ को अद्वितीय बनाएंगी।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि इस बार महाकुंभ का आयोजन 10 हजार एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजन की शुरुआत से पहले ही 35 लाख श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा गोरखनाथ में खिचड़ी चढ़ाने और इसके बाद महाकुंभ में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की।


