Prayagraj News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के झूंसी थाना क्षेत्र में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष मनोज पासी ने थाने में बंदकर उनकी पिटाई करने का आरोप लगाया है। इस घटना ने तूल पकड़ लिया और भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। मामला तेजी से बढ़ने के बाद रात के समय महापौर गणेश केसरवानी, फूलपुर विधायक दीपक पटेल, उत्तरी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता झूंसी थाने का घेराव करने पहुंचे।
घटना की पूरी जानकारी
यह घटना बुधवार को हुई, जब मनोज पासी के भाई द्वारा दीवार बनाने को लेकर झूंसी थाना पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। मनोज पासी और उनके भाई से कथित रूप से गाली-गलौज की गई। जब मनोज पासी इस घटना के बारे में थानेदार उपेंद्र प्रताप सिंह से पूछताछ करने पहुंचे, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें लात-घूंसों से मारपीट की। इस मारपीट के दौरान मनोज पासी बेहोश हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पासी ने बाद में एक वीडियो के जरिए अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उनका दावा था कि उनकी पिटाई के दौरान उनके सिर के बाल भी नोचे गए थे।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
घटना के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया कि तथ्यों की जांच के बाद चमनगंज चौकी इंचार्ज संतोष कुमार सिंह, दरोगा शिवराम यादव, जग नारायण और मुख्य आरक्षी पारस यादव को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। वहीं, झूंसी थाने के प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
भाजपा नेताओं का आक्रोश
घटना के बाद भाजपा नेताओं में गहरी नाराजगी देखने को मिली। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के साथ गलत व्यवहार किया है। भाजपा नेताओं ने झूंसी थाने में घेराव किया और थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की। एसीपी विमल किशोर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन भाजपाई नेताओं ने उनसे बात करने से मना कर दिया।
डिप्टी सीएम से मामले का उठना
इस विवाद (Prayagraj News) का मुद्दा गुरुवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने उठने की संभावना है। पार्टी नेताओं ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। डिप्टी सीएम मौर्य के महाकुंभनगर के परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात करने का कार्यक्रम है, जहां यह मामला उठेगा। इससे पहले भी पार्टी नेताओं पर पुलिस के कथित अत्याचार के मामले सामने आए थे, जिनमें धूमनगंज पुलिस ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष को पीटा था।


