UP Politics : चुनावी हार से जूझ रही बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया मायावती पार्टी में लगातार नए प्रयोग कर रही हैं। इस कड़ी में उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में शामिल किया है। उनके भाई आनंद कुमार और भतीजे आकाश आनंद पहले से ही सक्रिय हैं, लेकिन पार्टी को शीर्ष पर पहुंचाने में अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। अब परिवार के तीसरे सदस्य ईशान आनंद की राजनीति में एंट्री की चर्चा शुरू हो गई है। ईशान, आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं और हाल के दिनों में बीएसपी दफ्तर में सक्रिय नजर आए हैं।
ईशान आनंद बुधवार को मायावती के जन्मदिन पर अपने बड़े भाई आकाश के साथ बीएसपी दफ्तर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि मायावती ने मंच से ईशान का परिचय भी कराया। इसके अगले दिन बीएसपी की बैठक में ईशान, आकाश से आगे की कुर्सी पर बैठे नजर आए। वहीं, आकाश आनंद 2017 से राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन अब तक पार्टी को बड़े चुनावी सफलता दिलाने में असफल रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, और छत्तीसगढ़ में बीएसपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां आकाश की बड़ी जिम्मेदारी थी।
बीएसपी के लिए आकाश के नेतृत्व में दिल्ली चुनाव भी बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। 2008 में पार्टी ने दिल्ली में दो सीटें जीती थीं, लेकिन उसके बाद से प्रदर्शन लगातार गिरता गया। आकाश की तरह, ईशान आनंद ने भी लंदन से पढ़ाई की है। आकाश ने एमबीए किया है, जबकि ईशान ने लीगल स्टडी की पढ़ाई की है। फिलहाल, ईशान अपने पिता के बिजनेस में सक्रिय हैं।
दूसरी ओर, मायावती के सामने आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर चुनौती बनकर उभरे हैं। वकालत की पढ़ाई कर राजनीति में आए चंद्रशेखर ने 2024 के चुनाव में नगीना सीट जीती और दलितों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की। वहीं, बीएसपी का जनाधार घटकर 9 प्रतिशत वोट शेयर तक सीमित हो गया है, और पार्टी का प्रभाव मुख्य रूप से जाटव समुदाय तक सिमटकर रह गया है।


