Republic Day 2025 Parade : भारत आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस समारोह मना रहा है, और इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड ने न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को, बल्कि उसकी सैन्य शक्ति और सामरिक क्षमता को भी पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। यह समारोह एक ऐतिहासिक घटना था, जिसमें भारतीय सेना के अद्वितीय परेड दस्तों, आधुनिक युद्धक उपकरणों और विमानन क्षमताओं ने एक अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का आगमन
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके स्वागत में भारत-इंडोनेशिया के बीच मित्रवत् रिश्तों का प्रतीक के रूप में यह विशेष दिन और भी महत्वपूर्ण हो गया। भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी के संकेत के तौर पर यह एक महत्वपूर्ण कदम था।
स्वदेशी रक्षा उपकरणों का भव्य प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय रक्षा क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी अर्जुन युद्धक टैंक, तेजस लड़ाकू विमान और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर्स ने एक साथ मिलकर जमीन, पानी और हवा में समन्वित ऑपरेशन का अद्भुत प्रदर्शन किया। इन उपकरणों ने न केवल भारतीय रक्षा प्रणाली की प्रगति को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में कितनी तेजी से बढ़ रहा है।
‘सशक्त और सुरक्षित भारत’ का संदेश
इस बार परेड में तीनों सेनाओं की झांकी का प्रमुख विषय था ‘सशक्त और सुरक्षित भारत’, जो देश की सामरिक क्षमता और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने अपने सामरिक कौशल और उन्नत तकनीकों से यह संदेश दिया कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सलामी लेने के साथ हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और कई अन्य केंद्रीय मंत्री, साथ ही देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी और विदेशी राजनयिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। उनके साथ-साथ देशभर के लोग और सशस्त्र बलों के जवानों ने इस विशेष दिन को मनाया, जो भारतीय लोकतंत्र की ताकत और विकास की दिशा को प्रतिबिंबित करता है।
समारोह का महत्व और संदेश
गणतंत्र दिवस न केवल भारतीय संविधान के लागू होने की तारीख है, बल्कि यह देश के समर्पण, वीरता और विकास की दिशा का प्रतीक भी है। इस दिन, भारत ने यह दिखा दिया कि वह न केवल एक समृद्ध लोकतंत्र है, बल्कि एक शक्तिशाली और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में दुनिया में अपनी उपस्थिति को और भी मजबूती से स्थापित कर रहा है।
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