Budget 2025 : आज देश का आम बजट (Union Budget) पेश होने वाला है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लगातार आठवां बजट प्रस्तुत करेंगी। सुबह 11 बजे संसद में Budget 2025 दस्तावेज पेश किया जाएगा। बजट के दौरान कई तकनीकी शब्दों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें समझना आम लोगों के लिए कठिन होता है। ऐसे में बजट की गहरी समझ के लिए वित्त मंत्री के भाषण में आने वाले महत्वपूर्ण शब्दों के अर्थ जानना जरूरी है।
डायरेक्ट टैक्स (Direct Tax) वह कर होता है, जिसे जनता सीधे सरकार को भुगतान करती है। यह कर आमदनी पर लगाया जाता है और इसमें इनकम टैक्स, वेल्थ टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स जैसे कर शामिल होते हैं। इसके विपरीत, इनडायरेक्ट टैक्स (Indirect Tax) किसी वस्तु या सेवा पर लगाया जाने वाला कर होता है। इसमें उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, सेवा कर और जीएसटी (GST) शामिल होते हैं, जिन्हें उपभोक्ताओं को अप्रत्यक्ष रूप से भुगतान करना पड़ता है।
फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) या राजकोषीय घाटा, सरकार की कुल आय और उसके कुल खर्च के बीच का अंतर होता है। इसे देश की आर्थिक स्थिति का प्रतिबिंब माना जाता है। फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) वह वित्तीय अवधि होती है, जो सरकार के बजट और लेखांकन के लिए मानक रूप से निर्धारित की जाती है। यह आमतौर पर 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है।
ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) या सकल घरेलू उत्पाद, किसी देश में एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाता है। यह देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को मापने का प्रमुख संकेतक होता है। फाइनेंशियल बिल (Finance Bill) बजट में प्रस्तावित नए करों, टैक्स स्लैब में बदलाव और अन्य वित्तीय प्रावधानों से संबंधित विधेयक होता है, जिसे संसद में पेश किया जाता है।
बजट अनुमान (Budget Estimate) विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और योजनाओं को आवंटित धनराशि का अनुमान होता है। यह दर्शाता है कि आगामी वित्त वर्ष में धनराशि को कहां और किस प्रकार खर्च किया जाएगा। न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) को 2022 में लागू किया गया था और अब यह डिफॉल्ट टैक्स प्रणाली बन चुका है। इसके तहत सात प्रकार के कर स्लैब निर्धारित किए गए हैं, जिससे करदाताओं को विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है।


