UP News : अयोध्या जिले के सहनवा गांव में 22 वर्षीय दलित युवती की नग्न अवस्था में लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद सियासत भी गरमा गई है, और कई राजनीतिक नेताओं ने इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद पासी ने इस मामले पर गहरी चिंता जताते हुए, मीडिया से बातचीत करते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। उनका यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान रोते हुए, सपा सांसद ने कहा, “यह घटना दिल दहला देने वाली है। दलित युवती की नृशंस हत्या के खिलाफ मैं लोकसभा में आवाज उठाऊंगा। पीएम मोदी से कहूंगा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और न्याय दिलवाएं। यदि मुझे न्याय नहीं मिलता, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।” सांसद ने आगे कहा, “हम बेटियों को बचाने में पूरी तरह से असफल हो गए हैं। इतिहास क्या कहेगा? आखिरकार यह कैसे हुआ कि हमारी बेटियों के साथ ऐसी घिनौनी वारदातें हो रही हैं?”
सपा सांसद के शब्दों में दर्द साफ नजर आ रहा था, जब उन्होंने भगवान राम और सीता माता का जिक्र करते हुए कहा, “हे भगवान राम, आप कहां हैं? सीता माता कहां हैं?” उनके साथ मौजूद अन्य लोग उन्हें चुप कराते हुए यह स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे थे।
घटना की पूरी जानकारी
यह दर्दनाक (UP News) घटना 31 जनवरी 2025 को अयोध्या के सहनवा गांव में सामने आई। युवती दो दिन पहले यानी 29 जनवरी को घर से लापता हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन 31 जनवरी को सुबह गांव के पास स्थित एक खेल मैदान में युवती के खून से सने कपड़े मिले और नाले के पास उसकी नग्न लाश पाई गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़ित परिवार की मांग
युवती के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में गंभीरता से जांच शुरू नहीं की है और अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी की हत्या के दोषियों को सजा दिलवाने के लिए संघर्ष करेंगे और उन्हें इंसाफ चाहिए। घटना को लेकर इलाके में गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना (UP News) के बाद स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर कई राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद पासी के अलावा, अन्य दलों के नेता भी इस मामले को लेकर आवाज उठा रहे हैं। यह घटना दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।


