UP Budget 2025 : उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक लगातार पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शासन से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। हाल ही में, उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के 1800 शिक्षकों की पुरानी पेंशन की मांग को स्वीकार कर लिया है, जिससे शिक्षक वर्ग में उम्मीद जगी है। अब, बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष बीटीसी के तहत भर्ती हुए 48,000 से अधिक शिक्षक पुरानी पेंशन को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं।
पुरानी पेंशन का लाभ
इन शिक्षकों का कहना है कि शासन ने यह मान लिया है कि उनकी भर्ती का विज्ञापन 1 अप्रैल 2005 से पहले हुआ था, और इसी आधार पर उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, इस दिशा में आदेश अब तक जारी नहीं हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लगभग पूरी कर ली है। हाल ही में, इस आदेश के तहत 1845 शिक्षकों और कर्मचारियों को इसका लाभ भी दिया गया है।
हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग में 48,000 से अधिक शिक्षक अभी भी इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उनके लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यदि यह निर्णय जल्द नहीं लिया जाता, तो उनके लिए पुरानी पेंशन का लाभ उठाने का मौका सीमित हो सकता है।
विशेष बीटीसी 2004 बैच के शिक्षक
विशेष बीटीसी 2004 बैच के तहत भर्ती हुए ये शिक्षक मानते हैं कि यदि उनके भर्ती विज्ञापन की तिथि 1 अप्रैल 2005 से पहले की थी, तो उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि, इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में मामला गया था, और इसके बाद से अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई है।
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण स्नातक संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि विभाग को इस मामले में जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगले 7 वर्षों में वह खुद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं और उनकी तरह हजारों शिक्षक जो अगले 4-5 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार का सकारात्मक रुख
हालांकि, सरकार ने इस मुद्दे पर एक सकारात्मक रुख दिखाया है और विशेष बीटीसी के 48,000 शिक्षकों को पुरानी पेंशन देने की सहमति प्रदान कर दी है। अगर इस बजट सत्र में सरकार इसे मंजूरी दे देती है, तो जो शिक्षक अगले 2-3 वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनकी कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी।
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि इस मामले में आवश्यक रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


