Caste Census : लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर जाति आधारित जनगणना का मुद्दा उठाया है. रविवार को हरियाणा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़े समुदाय और वर्ग के कई लोगों को अभी भी मुख्यधारा में नहीं लाया जा सका है. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करती रहेगी कि पिछड़े समुदाय और वर्ग के लोगों को उनका अधिकार और सम्मान मिले.
दरअसल, अखिलेश यादव हरियाणा में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे जो कि हरियाणा विधानसभा में महम का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू द्वारा आयोजित की गई थी। उन्होंने हाल ही में हरियाणा जन सेवा पार्टी नाम से अपनी पार्टी बनाई है। अगले साल हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ अखिलेश यादव ने जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे को संबोधित करने और पिछड़े समुदायों और वर्गों के लोगों के उत्थान की दिशा में काम करने की पहल की है।
अखिलेश ने जाति आधारित जनगणना का मुद्दा उठाया
जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा आजादी के इतने साल बाद भी कई पिछड़े लोग हैं जिनकी गिनती नहीं हो सकी उन्हें मुख्यधारा में नहीं लाया जा सका. देश में ऐसी जातियां हैं जिनकी कोई पहचान नहीं है .ऐसे में जाति आधारित जनगणना की मांग उठ रही है. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि हरियाणा में भी लोग यह जनगणना चाहते हैं.
ये भी देखे :लगातार फरार है अमरमणि त्रिपाठी क्या कर रही है UP पुलिस ?
अग्निवीर योजना का विरोध
इस दौरान उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी देश में जाति आधारित जनगणना सुनिश्चित करेगी ताकि लोगों को उनका अधिकार और उचित सम्मान मिल सके. अखिलेश यादव ने कहा कि वह लगातार जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे हैं और उन्होंने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आती है तो सर्वेक्षण कराएंगे. इस दौरान उन्होंने सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र की अग्निवीर योजना का विरोध करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में वे इस योजना को खत्म करने का वादा करेंगे.


