Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित श्री राम कॉलेज में 3 दिन से फैशन शो का आयोजन हो रहा है। जिसमें बुर्का पहने कुछ मुस्लिम छात्राएं फैशन शो के दौरान कैटवॉक करते नजर आ रही है। इस वीडियो के वायरल होने पर जमियत उलेमा की तरफ से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जमीयत उलेमा ए हिंद के सदर मौलाना मुकर्रम कासमी ने इस कार्यक्रम की मजम्मत करते हुए कहा कि बुरखा फैशन शो का हिस्सा नहीं है यह पर्दे के इस्तेमाल की चीज है।
वीडियो में बुरखे को फैशन के रूप में इस्तेमाल किया गया है यह मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा है, उसे वीडियो में कुछ लड़की मनोज सर का नाम ले रही है, इससे साबित होता है कि उन लड़कियों को उकसाकर इस चीज के लिए तैयार किया गया है, एक खास मजहब को टारगेट करने का यह प्रोग्राम किया गया है, हम बार-बार कहते हैं की बुरखा फैशन शो का हिस्सा नहीं है बल्कि बुरखा पर्दे के हिसाब से पहन ओढा जाता है, हम जमीयत उलेमा के जानिब से इस प्रोग्राम की पुरजोर मजम्मत करते हैं, और हम श्री राम कॉलेज के जिम्मेदार से अपील करते हैं आइंदा इस तरह का कोई प्रोग्राम न करें, अगर आगे ऐसा कोई प्रोग्राम होगा तो जमीयत उलेमा ए हिंद कानूनी कार्यवाही करेगी।
जमीयत हमें कहेगी तो हम उन पर केस भी करेंगे
जमीयत उलेमा ए हिंद के लीगल एडवाइजर एडवोकेट मुनव्वर ने कहा कि पहली बात तो हमारे मुजफ्फरनगर में यह फैशन शो ही गलत तरीके से हो रहा है, यह हमारी संस्कृति में नहीं आता, यह तो मॉडल सिटी की चीजें हैं, यह गलत चीज हैं यह नहीं होनी चाहिए, और बुरखा पहनकर जो कैटवॉक हुआ है वह बिल्कुल गलत है और जमीयत इसके खिलाफ है, मैं जमीयत का लीगल एडवाइजर हूं अगर जमीयत हमें कहेगी तो हम उन पर केस भी करेंगे और इसको लीगल तरीके से देखेंगे।
किसी के मजहब को तकलीफ पहुंचे
कूबा मस्जिद के इमाम मौलाना जमशेद ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि स्कूल एक अच्छी तालीमगाह होती है, स्कूल में बच्चों को इसलिए भेजा जाता है ताकि स्कूल में बच्चा अच्छी तालीम, अच्छी शिक्षा और अच्छे अखलाक सीख सके, स्कूल में मनोरंजन, खेल और फैशन शो भी होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि इससे किसी के मजहब को तकलीफ पहुंचे, हमने देखा वह बच्चियां रैंप पर बुर्का पहनकर डांस कर रही है, चल रही हैं, ये बहुत गलत हुआ, बुरखा हमेशा से औरत के लिए पर्दे के लिए बनाया गया है, यह फैशन की चीज है ही नहीं यह तो पर्दे की चीज है, हम इस चीज की मज्ज्मत करते हैं और स्कूल वालों से अपील करते हैं आगे ऐसा ना हो।
बुरखे का मजाक उड़ाना ठीक नहीं
भारतीय किसान यूनियन के मंडल महासचिव शाहिद आलम ने कहा कि यह गलत हुआ, ऐसा नहीं होना चाहिए, बच्चियां वहां पढ़ती है उनका मन है वह फैशन शो में शामिल हो या ना हो, यह उनके परिवार को देखना चाहिए लेकिन बुरखे का मजाक उड़ाना ठीक नहीं है, बुरखा फैशन शो में नहीं आता, बुरखा पर्दे के लिए है, उसको फैशन का हिस्सा बनाना बहुत गलत है, यह मजाक उड़ाया जा रहा है, यह कॉलेज के प्रबंधक और प्रबंधन समिति को देखना चाहिए कि ऐसे आयोजन नहीं करने चाहिए जिससे किसी को ठेस पहुंचे।
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बच्चों को आज के हिसाब से तालीम देनी है तो कुछ मामलों में समझौते करने ही पड़ेंगे
वही समाजसेवी संस्था पैगाम ए इंसानियत के सदर आसिफ राही ने इस मामले का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग इस चीज का विरोध कर रहे हैं उन्हें सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर हमें अपनी बच्चियों को एजुकेशन देनी है तो उसके लिए हमें इन चीजों से समझौते करने पड़ेंगे, कहीं इस बात का विरोध है कि स्कूल कॉलेज में हिजाब बैन है और अगर यह बच्चिया हिजाब को प्रमोट कर रही हैं, मेरा मानना है कि यह तो हिजाब को प्रमोट करना हुआ, एक नई शुरुआत है जिसका हमें स्वागत करना चाहिए, और अगर हमें बच्चों को आज के हिसाब से तालीम देनी है तो कुछ मामलों में समझौते करने ही पड़ेंगे, मेरा मानना है इन सब में कोई बुराई नहीं है।


