Gyanvapi : वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे मामले में मामले की निगरानी कर रहे कमिश्नर विशाल सिंह ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. ज्ञानवापी मामले में अपने साथ जुड़े सभी वकीलों की सुरक्षा आठ दिसंबर को वापस लेने के बाद विशाल सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
रिपोर्ट से एक समुदाय में है असंतोष
सीएम योगी को संबोधित पत्र में विशाल सिंह ने बताया कि उन्हें मई 2022 में ज्ञानवापी परिसर के लिए विशेष न्यायालय आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था और उनकी अध्यक्षता में ज्ञानवापी परिसर पर आयोग की कार्रवाई पूरी की गई थी. उनके हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट वाराणसी जिला न्यायालय में प्रस्तुत की गई। इससे एक खास समुदाय में असंतोष है।
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सुरक्षा हटाने का आरोप
विशाल सिंह ने आगे लिखा कि इस मामले को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई थी, जो 8 दिसंबर की रात तक थी. हालांकि, अब बिना किसी बताए कारण के उनकी सुरक्षा हटा दी गई है. उनका आरोप है कि अगर उनकी सुरक्षा बहाल नहीं की गई तो उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है.
ज्ञानवापी परिसर का एएसआई सर्वेक्षण
ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर विशाल सिंह की सुरक्षा और निगरानी सवालों के घेरे में है। इस दौरान उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई गई थी. विशाल सिंह के मुताबिक, 8 दिसंबर की रात तक उनकी सुरक्षा बरकरार थी, इसके बाद रात 12:15 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी सुरक्षा खत्म कर दी गई. इस बीच आज वाराणसी कोर्ट में ज्ञानवापी सर्वे की एएसआई रिपोर्ट पेश होनी है. इससे पहले चार बार एएसआई टीम को सर्वे रिपोर्ट सौंपने के लिए मोहलत मिल चुकी है।


