Lucknow : राजधानी लखनऊ(Lucknow) के अकबरनगर के निवासियों को गुरुवार को बड़ी राहत मिली. बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अकबरनगर में तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि अकबरनगर के लोगों को पुनर्वास योजना के लिए आवेदन करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाए. निवासियों के नई इमारतों में चले जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होनी है।
जिला प्रशासन, एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण), नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारी गुरुवार सुबह अकबर नगर में तोड़फोड़ के लिए बुलडोजर लेकर पहुंचे, जिससे निवासी अपने घरों से बाहर आ गए। तोड़फोड़ से पहले प्रशासन ने अकबरनगर में बिजली और पानी का कनेक्शन काट दिया. एलडीए ने सुबह 10 बजे से इमारतें गिराना शुरू कर दिया था। हालांकि, दोपहर करीब 3 बजे कोर्ट का आदेश आ गया, जिससे तोड़फोड़ रोक दी गई। इस बीच कई लोग अपना सामान समेट कर अकबरनगर से निकल गये। अन्य लोग विध्वंस का विरोध करते रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी), और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों को तैनात किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद शहरवासियों ने जश्न मनाया. जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने कहा कि विवादित जमीन पर निवासी मालिकाना हक साबित नहीं कर सके। हालाँकि, इस पर उनका कब्ज़ा लंबे समय से है, जो स्पष्ट है। ऐसे में उन्हें पुनर्वास उपलब्ध कराये बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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