High Court : नाबालिग से रेप मामले में दोषी करार दिए गए बीजेपी विधायक रामदुलार गोंड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निचली अदालत से रिकॉर्ड मांगा। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और विपक्ष से भी जवाब मांगा। विपक्ष को नोटिस जारी किया गया है और उन्हें चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होनी है। विधायक रामदुलार गोंड की याचिका पर हाईकोर्ट 25 जनवरी को भी नये सिरे से सुनवाई करेगा।
25 साल की जेल की सजा सुनाई गई और 10 लाख रुपये का जुर्माना
विधायक रामदुलार गोंड ने सोनभद्र में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय ( High Court ) में आपराधिक अपील दायर की है, जिसमें उन्हें 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अपील में सज़ा रद्द करने की दलील दी गई है।
कोर्ट का फैसला आने तक सजा रोकने और जमानत पर रिहा करने की भी अपील की गई
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की एकलपीठ में हुई। कोर्ट का फैसला आने तक सजा रोकने और जमानत पर रिहा करने की भी अपील की गई है। सोनभद्र की विशेष अदालत ने 15 दिसंबर को विधायक रामदुलार गोंड को 25 साल जेल और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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रामदुलार गोंड सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक चुने गए थे। उसके खिलाफ 2014 में बलात्कार और POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। आज हाई कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिलने के कारण विधायक की सदस्यता रद्द होना अब लगभग तय है।
इस मामले की सुनवाई शुरुआत में एमपी-एमएलए कोर्ट के जस्टिस राजवीर सिंह कर रहे थे, लेकिन इसे जस्टिस मयंक कुमार जैन की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। आज हाई कोर्ट से त्वरित राहत नहीं मिलने के बाद विधायक का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है।


