Ayodhya : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के प्रयासों से नई अयोध्या (Ayodhya) का सपना आकार ले रहा है। हाईवे से लेकर संकरी गलियों और रामनगरी के धार्मिक स्थलों तक का परिदृश्य बदल गया है। श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम, अमानीगंज के साथ ही कलक्ट्रेट के दक्षिणी क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा तैयार है। अयोध्या शहर को अयोध्या कैंट में 32 नए पार्कों की सौगात मिली है। अब कुल 15,700 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाओं को शामिल करते हुए अयोध्या वर्ष 2024 में विभिन्न तरीकों से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तैयार है।
सआदतगंज बाईपास से नयाघाट, मोहबरा बाजार से टेढ़ी बाजार और उदया चौराहा से अयोध्या तक की सड़कें बाहर से आने वालों को आश्चर्यचकित कर रही हैं। इन मुख्य मार्गों को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है। अयोध्या में एक और बदलाव रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण है। लालबाग देवकाली रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है। टेढ़ी बाजार अयोध्या से मोहबरा साइड तक रेलवे ब्रिज का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। दर्शननगर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में है। ये तीनों ओवरब्रिज इस साल चालू हो जाएंगे जिससे अयोध्यावासियों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
राम जन्मभूमि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में तीर्थयात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बड़ी तीर्थयात्रा 8 अक्टूबर 1984 को अयोध्या से दिल्ली तक शुरू हुई। लखनऊ पहुंचकर यह विशाल सभा एक बड़ी सभा में तब्दील हो गई। इस बैठक में राम जन्मभूमि की मुक्ति का संकल्प लिया गया। दिल्ली की तीर्थयात्रा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। उनकी मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर तीर्थयात्रा रोक दी गई।


