UPSSF : 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान राम मंदिर और अयोध्या में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में यूपीएसएसएफ उठाएगी। कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होने के बाद 2020 में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) का गठन किया गया था और पिछले दो वर्षों से UPSSF विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है। अयोध्या का एयरपोर्ट पहला ऐसा एयरपोर्ट है जहां सिर्फ यूपीएसएसएफ ही सुरक्षा दे रही है और राम मंदिर की सुरक्षा भी यूपीएसएसएफ के हाथ में है।
यूपी में कई जगह तैनात हैं यूपीएसएसएफ
उत्तर प्रदेश कई संवेदनशील और धार्मिक स्थलों का घर है। इन महत्वपूर्ण स्थानों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2020 में यूपीएसएसएफ की स्थापना की थी। उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल उत्तर प्रदेश के सभी धार्मिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश के सभी मेट्रो स्टेशनों पर भी यूपीएसएसएफ की तैनाती कर दी गई है और अब उत्तर प्रदेश के 12 हवाई अड्डों पर यूपीएसएसएफ के जवान नजर आएंगे। इसके साथ ही अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और अयोध्या एयरपोर्ट की जिम्मेदारी भी यूपीएसएसएफ को दी गई है। यूपीएसएसएफ एक विशेष सुरक्षा बल है जिसे विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
यूपीएसएसएफ के जवानों को दी जाती है खास ट्रेनिंग
यूपीएसएसएफ के एडीजी एल एंटनी ने बताया कि यूपीएसएसएफ के जवानों को उनकी जिम्मेदारियों के मुताबिक विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। बल को यूपीएसएसएफ मुख्यालय में भी प्रशिक्षित किया जाता है। एयरपोर्ट पर सेवा देने वाले जवानों को खास ट्रेनिंग दी जाती है। अयोध्या को ध्यान में रखते हुए फोर्स में जवानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी चल रही है। यूपीएसएसएफ अयोध्या में विभिन्न स्तरों पर अपनी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। यूपीएसएसएफ की ओर से अयोध्या के लिए एक नई बटालियन का भी गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीएसएसएफ के जवानों को एनएसजी कमांडो की तरह ही प्रशिक्षित किया गया है। इन्हें मानेसर स्थित एनएसजी प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित किया गया है।


