UP Madarsas : उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षकों (UP Madarsas) के लिए एक बुरी खबर है। केंद्र सरकार के बाद अब योगी सरकार ने भी मानदेय रोकने का फैसला किया है. मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की गई। स्नातक शिक्षकों को 6,000 और स्नातकोत्तर शिक्षकों को 12,000 प्रति माह दिए जाते थे। 2016 से, यूपी सरकार ने 2,000 से 3,000 रुपये अतिरिक्त सम्मान राशि प्रदान की। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत 7,442 मदरसों में 21,500 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी।
मदरसा शिक्षकों को नहीं मिलेगा मानदेय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार इस योजना का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बच्चों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर होगा। अब मदरसा आधुनिकीकरण योजना से लाभान्वित होने वाले बच्चों और शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना को फंड देना बंद करने का फैसला किया था। केंद्र के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी मदरसा शिक्षकों का अतिरिक्त मानदेय बंद कर दिया है।
केंद्र के बाद यूपी सरकार ने लिया फैसला
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हरिबख्श सिंह ने बताया कि यूपी में मानदेय व्यवस्था खत्म कर दी गई है। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिए बजट या वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत दिये जाने वाले मानदेय को रोकने का आदेश दिया गया है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि सरकार के इस फैसले का असर मदरसा आधुनिकीकरण योजना पर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि मदरसा शिक्षकों का मानदेय फिर से शुरू किया जाये। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम बच्चों के लिए दिए गए भाषण को याद किया।


