Ayodhya Ram Mandir : 22 जनवरी को राम मंदिर के (Ayodhya Ram Mandir) प्रतिष्ठा समारोह के सिलसिले में अलीगढ़ के प्रतीक महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती पुरी महाराज 400 किलोग्राम वजनी सबसे बड़े ताले के साथ निकले थे। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लॉक सिटी के नाम से मशहूर अलीगढ़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार तालानगरी कहकर संबोधित कर चुके हैं। इसी सिलसिले में 400 किलोग्राम वजनी यह ताला अलीगढ़ की निशानी के तौर पर अयोध्या में लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस ताले को राम जन्मभूमि ट्रस्ट ले जाएगा और दुनिया भर से लोग राम मंदिर देखने आ रहे हैं। अलीगढ़ की निशानी देखने से निश्चित तौर पर ताले के कारोबार को व्यापारिक दृष्टिकोण से गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह ताला उन लोगों के लिए भी एक प्रतीकात्मक संकेत होगा जो अब तक राम मंदिर का विरोध कर रहे थे। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडे ने बताया कि इस ताले का निर्माण सत्यप्रकाश शर्मा ने कराया था।
उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार में कोई भी इस ताले को नहीं संभाल रहा था। महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने इस ताले की यात्रा शुरू की और इसे एक सप्ताह के भीतर तैयार कर राम लला के चरणों में समर्पित करने की व्यवस्था की। इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, हर्ष गुप्ता, मनोज सैनी, बबली उपाध्याय, प्रियव्रत मिश्रा, डा. भगत सिंह सहित अनेक स्वयंसेवक रात्रि कालीन शोभा यात्रा में उपस्थित रहे।


