Kanpur : कानपुर जिले की सीसामऊ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक इरफान सोलंकी को राहत देते हुए एमपीएमएलए कोर्ट ने मारपीट से जुड़े एक मामले में उन्हें जमानत दे दी है। 2022 में जाजमऊ पुलिस ने सपा विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. शिकायतकर्ता विमल कुमार ने सोलंकी पर जमीन पर अवैध कब्जा करने और मारपीट का आरोप लगाया था. हालांकि सोलंकी को एक मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन उन्हें तुरंत जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.
MP-MLA कोर्ट ने जमानत की अर्जी की मंजूर
इरफान सोलंकी के वकील शिवाकांत दीक्षित ने पुष्टि की कि एमपीएमएलए कोर्ट ने मारपीट मामले में जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. उन्होंने बताया कि अदालत ने जमानत देने से पहले दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया था। दीक्षित ने उम्मीद जताई कि सोलंकी को अन्य मामलों में भी राहत मिलेगी. गौरतलब है कि एसपी विधायक पर मारपीट के मामले के अलावा जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है.
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जमानत के बाद भी तुरंत नहीं होंगे रिहा
मारपीट मामले में जमानत मिलने के बावजूद सोलंकी तुरंत जेल से रिहा नहीं होंगे. कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए 50-50 हजार के दो जमानत बांड और एक निजी जमानत पर सोलंकी को रिहा करने का आदेश दिया है. अन्य मामलों में जमानत न मिलने के कारण सपा विधायक इरफान सोलंकी महराजगंज जेल में ही रहेंगे। एमपीएमएलए कोर्ट ने जमानत शर्तों और निजी मुचलके पर उनकी रिहाई के आदेश जारी किये हैं.


