Arvind Kejriwal : दिल्ली शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को 25 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। यह मामला CBI और ED की संयुक्त जांच के तहत चल रहा है।
केजरीवाल को ED ने 21 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि CBI ने उन्हें 26 जून को तिहाड़ जेल से भ्रष्टाचार के मामले में हिरासत में लिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते वे अब भी जेल में हैं।
सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की याचिका
5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने CBI के केस में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। केजरीवाल के करीबी सहयोगी, विजय नायर, जिन्हें नवंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था, को 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। नायर लगभग दो साल बाद जेल से बाहर आए हैं।
अन्य नेताओं की जमानत
इससे पहले, मनीष सिसोदिया को 9 अगस्त को और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता को 27 अगस्त को जमानत मिल चुकी है। इन मामलों में कई प्रमुख नेताओं और व्यवसायियों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिन पर दिल्ली की शराब नीति के दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं।
100 करोड़ की डील
CBI ने दावा किया है कि विजय नायर ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी के तहत लाभ पहुँचाने के बदले दक्षिण भारत के व्यवसायियों से 100 करोड़ रुपये की मांग की थी। नायर को “साउथ ग्रुप” से संपर्क में बताया गया है, जिसकी अध्यक्षता BRS नेता के. कविता कर रही थीं।
CBI के अनुसार, नायर ने इस डील के तहत शराब नीति के तहत उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए सौदा किया। इन पैसों को गोवा के माध्यम से अन्य आरोपियों—विनोद चौहान और आशीष माथुर—के जरिये हेरफेर किया गया था।
न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार
जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है, न्यायालय के फैसलों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। CBI और ED द्वारा लगाए गए आरोपों की गहनता और भ्रष्टाचार की यह कथित साजिश दिल्ली की राजनीति और अरविंद केजरीवाल की छवि पर गंभीर असर डाल सकती है। 25 सितंबर को अगली सुनवाई में अदालत का क्या फैसला आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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