Basant Panchami Puja 2026: मध्य प्रदेश का धार शहर आज एक अभूतपूर्व घटनाक्रम का गवाह बन रहा है। ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हिंदू समाज जहाँ मां सरस्वती की आराधना में लीन है, वहीं मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज अदा करने के लिए विशेष समय दिया गया है।
यह संतुलन सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद संभव हो पाया है, जिसने दोनों समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए समय सारिणी तय की। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का ‘टाइम-स्लॉट‘ फार्मूला
विवाद और तनाव की आशंका को देखते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने एक स्पष्ट आदेश दिया है:
- हिंदू पक्ष: सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक पूजा कर सकेगा। लेकिन, इसमें दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक का समय शामिल नहीं है।
- मुस्लिम पक्ष: दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच परिसर में जुमे की नमाज अदा की जाएगी।
- व्यवस्था: कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि दोनों पक्षों के प्रवेश और निकास के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे कोई टकराव न हो।
छावनी में तब्दील हुआ धार
प्रशासन ने सुरक्षा में कोई भी कोताही नहीं बरती है। भोजशाला और उसके आसपास का नजारा किसी सीमावर्ती क्षेत्र जैसा लग रहा है।
- 8000 प्रहरी: सुरक्षा की जिम्मेदारी 8,000 से अधिक जवानों के कंधों पर है। इसमें स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियां शामिल हैं।
- तकनीकी निगरानी: जमीन पर जवानों के अलावा, आसमान से ड्रोन कैमरों और संवेदनशील इलाकों में एआई (Artificial Intelligence) आधारित सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है।
- कड़ी चेकिंग: भोजशाला के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 से 14 सुरक्षा घेरों (बैरिकेड्स) से गुजरना पड़ रहा है।
शोभायात्रा और धर्म सभा का उल्लास
सुबह होते ही हिंदू पक्ष ने मां वाग्देवी की पूजा शुरू कर दी। ‘भोजशाला उत्सव समिति’ के नेतृत्व में आज का दिन भव्य तरीके से मनाया जा रहा है।
- भव्य शोभायात्रा: लालबाग स्थित उदाजी राव चौराहे से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
- धर्म सभा: मोतीबाग चौक पर एक बड़ी धर्म सभा का आयोजन किया गया है। इसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी स्वदेशानंद महाराज जैसे वरिष्ठ संत और पदाधिकारी समाज को संबोधित कर रहे हैं।
गर्भगृह में महाआरती और हवन
कोर्ट द्वारा तय समय सीमा के भीतर हिंदू समाज ने अपने अनुष्ठान जारी रखे हैं। दोपहर 12:45 बजे, यानी नमाज के समय से ठीक पहले, गर्भगृह में महाआरती का आयोजन सुनिश्चित किया गया। इसके अलावा, परिसर में स्थित यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन जारी है, जिसकी पूर्णाहुति शाम को सूर्यास्त के समय होगी।
शांति की उम्मीद
धार का प्रशासन और दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोग यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो और शहर का सौहार्द बना रहे। आज का दिन न केवल धार्मिक आस्था का है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में कानून के शासन और प्रशासनिक दक्षता की भी बड़ी परीक्षा है।
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