J&K Visit : जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य का दौरा किया। उनके इस दौरे का उद्देश्य आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति को अंतिम रूप देना था। इसके साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने का अपना संकल्प भी दोहराया।
कांग्रेस की चुनावी रणनीति
दौरे के दौरान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न बैठकों का आयोजन किया, जिसमें आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा की गई। मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने स्थानीय नेताओं से बातचीत की और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर उनसे सलाह मांगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन की रणनीति को जम्मू-कश्मीर में भी लागू करना चाहती है, ताकि सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट कर भाजपा के खिलाफ मजबूत मोर्चा खड़ा किया जा सके।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने की बात कही और कहा कि जल्द ही सीटों का बंटवारा किया जाएगा। यह संकेत देता है कि आने वाले चुनावों में गठबंधन की भूमिका अहम हो सकती है, जिससे कांग्रेस की चुनावी संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
पूर्ण राज्य का दर्जा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर (J&K) को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ की प्राथमिकता है कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए।” राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य का केंद्र शासित प्रदेश बनना एक असाधारण घटना है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बदलना चाहती है।
उनका यह बयान 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार हो रहे विधानसभा चुनावों के संदर्भ में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार वापस मिलेंगे।”
कश्मीर दौरे की अहमियत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के इस दौरे को विधानसभा चुनाव की तैयारियों के जायजे के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए मेरा संदेश है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आपके साथ है। हम समझते हैं कि आप बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हम कठिन दौर और हिंसा खत्म करना चाहते हैं।”
राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के संदेश को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” खोलने की बात कही थी। उनका यह संदेश राज्य के लोगों के बीच शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने की कांग्रेस की इच्छा को दर्शाता है।
चुनावी समय
जम्मू-कश्मीर (J&K) की 90 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण का चुनाव 18 सितंबर, दूसरा 25 सितंबर, और अंतिम चरण 1 अक्टूबर को होगा। मतगणना 4 जून को की जाएगी। ये चुनाव न केवल जम्मू-कश्मीर के भविष्य को प्रभावित करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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