Ayodhya : तिरुपति के लड्डू प्रसाद में गाय की चर्बी मिलने के बाद हनुमानगढ़ी अखाड़ा भी सतर्क हो गया है। रामनगरी में बजरंग बली की प्रमुख पीठ हनुमानगढ़ी में लड्डू प्रसाद के रूप में अर्पित किए जाते हैं। हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर हनुमानगढ़ी के संतों ने शनिवार को उन कारखानों का निरीक्षण किया, जहां लड्डू बनाए जाते हैं और उनकी गुणवत्ता की जांच की।
दुकानदारों को भी उच्च गुणवत्ता वाले प्रसाद रखने की सलाह दी गई है। हनुमानगढ़ी में हर दिन लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, और पर्व के समय यह संख्या दोगुनी हो जाती है। सभी श्रद्धालु हनुमंतलला को प्रसाद अर्पित करते हैं, और केवल देशी घी से बने लड्डू चढ़ाए जाते हैं। तिरुपति मामले के प्रकाश में संकट मोचन सेना के प्रमुख महंत संजय दास और अन्य संतों ने इमली बाग स्थित कारखाने का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने लड्डू बनाने की सामग्री की जांच की और कारीगरों को गुणवत्ता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।
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महंत संजय दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी में प्रशासन और अखाड़ा दोनों स्तर पर निगरानी रखी जाती है। प्रशासन समय-समय पर सैंपलिंग करता है, जबकि संत भी प्रसाद की गुणवत्ता की निगरानी करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि ब्रांडेड घी का इस्तेमाल किया जाता है और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता। यदि शुद्धता में कोई कमी पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ी अखाड़ा पहले से ही शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर सतर्क है। पहले हनुमंतलला को बेसन के लड्डू भी अर्पित किए जाते थे लेकिन उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद अखाड़ा ने दुकानदारों के साथ बैठक कर रिफाइंड बेसन के लड्डू की बिक्री पर रोक लगा दी। अब केवल देशी घी से बने लड्डू ही रामलला को चढ़ाए जाते हैं।
हनुमानगढ़ी से जुड़ी कुछ विशेष बातें:
- रोजाना भक्तों की संख्या: एक लाख
- रोजाना अर्पित होने वाला प्रसाद: 200 किलो
- हनुमंतलला को केवल देशी घी के लड्डू चढ़ते हैं
- हनुमानगढ़ी परिसर में प्रसाद की दुकानें: 500


