UP STF : 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को अहम कामयाबी मिली। देश में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे आईएसआई एजेंट तहसीम उर्फ मोटा को एसटीएफ ने पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि तहसीम अपने भाई के साथ मिलकर भारत में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। हालांकि इस योजना के सफल होने से पहले ही तहसीम को एसटीएफ ने पकड़ लिया। तहसीम के अलावा एसटीएफ ने इमरान नाम के एक शख्स को भी नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। यह जानकारी डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार और एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने पत्रकारों को दी।
दो वर्षों में 282 संदिग्धों को पकड़ा
डीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस और एसटीएफ देश विरोधी तत्वों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिछले दो वर्षों में लगभग 282 संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया है। डीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस और एसटीएफ को शामली में आईएसआई एजेंटों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ ने घेराबंदी कर संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम तहसीम उर्फ मोटा बताया। वह शामली जिले का रहने वाला है। तहसीम ने पुलिस को बताया कि उसका भाई कलीम अक्सर पाकिस्तान जाता रहता है। उसके आईएसआई हैंडलर से संपर्क थे। हैंडलर ने कलीम को सूचित किया था कि वे भारत में एक विघटनकारी घटना को अंजाम देने के लिए हथियार और अन्य सामान उपलब्ध कराएंगे। तहसीम ने बताया कि वह नफीस नामक व्यक्ति के भी संपर्क में था। पिछले दिनों जब कार्रवाई हुई तो इमरान अपना मोबाइल छोड़कर भाग गया।
नकली नोटों के साथ इमरान गिरफ्तार
डीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि तहसीम के अलावा इमरान नाम के एक और शख्स को पकड़ा गया है। इमरान नकली नोटों के कारोबार में शामिल था। पुलिस ने बताया कि इमरान नकली नोट बेचने के लिए लाहौर जाता था। वह वहां हुमैदा नाम की महिला के साथ रुका था जो इकबाल काना के संपर्क में थी। इकबाल काना और तहसीम की मुलाकात इमरान के जरिए हुई थी। काना ने इमरान को नकली नोट बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद इकबाल काना और तहसीम हर दो महीने में नकली नोट भेजते थे। यह नकली नोट दिल्ली और पंजाब के रास्ते पहुंचे। संचालकों के निर्देशानुसार जाली नोटों को बदलने का स्थान बिचौलियों द्वारा प्रदान किया गया था।


