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Banda : जेल में फिर एक बार बिगड़ी माफिया मुख्तार अंसारी की तबीयत, मल त्याग करने में असमर्थ मुख्तार

by | Mar 28, 2024 | अन्य, अपना यूपी, आपका जिला, क्राइम, ख़बर, टॉपिक, ट्रेंडिंग, देश, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति

Banda : बांदा जेल में एक बार फिर माफिया मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ गई। पेट में दर्द और मोशन पास करने में असमर्थता की शिकायत के कारण जिला अस्पताल से चिकित्सकों और सर्जनों को बुलाया गया। एनीमा देने के बाद राहत मिली। बांदा (Banda) जेल में बंद मुख्तार अंसारी को पहले मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उन्हें 14 घंटे तक आईसीयू में रखा गया और फिर छुट्टी दे दी गई।

इस बीच मऊ की अदालत में मुख्तार अंसारी की ओर से अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षा की मांग की गई। कहा गया कि अगर कुछ नहीं किया गया तो उनकी हत्या हो सकती है। बुधवार की सुबह बांदा जेल में मुख्तार अंसारी को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर साढ़े तीन बजे तक पेट दर्द और पेट फूलने की शिकायत सामने आई।

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इस पर जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल से चिकित्सक डॉ हृदेश पटेल और सर्जन डॉ अदिति श्रीवास्तव को बुलाया। दोनों डॉक्टर जेल पहुंचे और माफिया की जांच की। दवा देने के बाद मुख्तार को राहत महसूस हुई। डॉ अदिति ने बताया कि मुख्तार को पेट में दर्द और सूजन की शिकायत थी। वह मल पास करने में असमर्थ थे। उन्हें एनीमा दिया गया जिसके बाद उन्हें राहत महसूस हुई।

उन्हें खिचड़ी, दही और पपीता खाने की सलाह दी गई है। डॉक्टर के मुताबिक, एक हफ्ते तक दोपहर तक उनका रूटीन चेकअप होगा। मुख्तार ने कमजोरी महसूस होने की बात कही है। उधर, मऊ कोर्ट में मुख्तार के वकील ने एक बार फिर उनकी जान को खतरा बताया। कहा कि अगर सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया तो साजिश करनेवाले उनकी हत्या कर देंगे।

कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले में सुनवाई कर आदेश सुरक्षित कर लिया। एमपी/एमएलए कोर्ट में 20 मार्च को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी ने मुख्तार की जान को खतरा होने की जानकारी दी थी। मुख्तार के वकील ने 21 मार्च को अर्जी दाखिल कर सरकार, जेल प्रशासन और अन्य राजनीतिक हस्तियों पर हत्या की साजिश रचने और जहर देने का आरोप लगाया था।

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मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने बांदा जेल से रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में बुधवार को मुख्तार के वकील ने एक बार फिर अर्जी दाखिल कर सुरक्षा की मांग की है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कैदी की ओर से दाखिल आवेदन को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

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