Bareilly : यूपी के बरेली जिले में सीबीगंज पुलिस और एसआईटी ने बुधवार को फर्जीवाड़े के आरोपी खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को एसआईटी ने खुसरो कॉलेज से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का मेडिकल जिला अस्पताल में कराया गया, और इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
आरोप है कि सत्र 2019-2020 से खुसरो कॉलेज ने बिना मान्यता के बी फार्मा, डी फार्मा और पैरामेडिकल कोर्सों में एडमिशन लेकर छात्रों से ठगी की और उन्हें फर्जी डिग्री प्रदान की। इस मामले में जीटीआई के प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार ने थाना सीबीगंज में कॉलेज के चेयरमैन और भाजपा नेता शेर अली जाफरी, कथित प्रधानाचार्य विश्वनाथ शर्मा और आस्था कंसल्टेंसी के प्रोपराइटर डॉ. विजय शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी थी।
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खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज में सत्र 2019-20 से शुरू हुए डी फार्मा के फर्जी एडमिशन के मामले की शुरुआत हुई थी। इस धोखाधड़ी का सिलसिला सत्र 2023-24 तक जारी रहा, जिसमें 379 छात्रों को डी फार्मा में एडमिशन देकर उनसे लगभग 3.70 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई। छात्रों को फर्जी डिग्री देने की इस ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब कई महीनों तक शिकायतें थाने में दबा दी गईं।
जब छात्र जिला मुख्यालय तक पहुंचे, तो जून में चेयरमैन शेर अली जाफरी ने खुद को बचाने के लिए कथित प्रिंसिपल विश्वनाथ शर्मा के साथ मिलकर आईजीआरएस पोर्टल पर आस्था कंसल्टेंसी के प्रोपराइटर डॉ. विजय शर्मा के खिलाफ शिकायत कराई। इसके बाद सीबीगंज पुलिस ने साठगांठ कर डॉ. विजय शर्मा के खिलाफ मनमुताबिक रिपोर्ट तैयार की और फर्जीवाड़े का आरोप उन पर मढ़ दिया।


