Farmer’s Protest : दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान जयंत चौधरी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने जयंत के एनडीए में शामिल होने के फैसले पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि किसानों के चल रहे आंदोलन को देखते हुए रालोद को खुद को एनडीए से अलग कर लेना चाहिए। ऐसा न करने पर उनकी पार्टी को नुकसान हो सकता है।
किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी का एनडीए में शामिल होने का फैसला गलत नहीं था लेकिन किसानों के चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें इस गठबंधन के साथ अपने जुड़ाव पर पुनर्विचार करना चाहिए।
नरेश टिकैत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जयंत चौधरी ने जो किया वह गलत नहीं था लेकिन पंजाब के हालात को देखते हुए अगर बीजेपी उनका सम्मान करती है तो उन्हें फैसला लेने देना चाहिए और अगर वे सहमत नहीं हैं तो उन्हें करना चाहिए वहां से अपना समर्थन वापस ले लें नहीं तो उन्हें फायदे से ज्यादा नुकसान होगा।
भाकियू नेता ने आगे कहा कि जयंत चौधरी के पास ज्यादा अनुभव नहीं है… लेकिन, ठीक है… वह एक किसान परिवार से आते हैं… वह चौधरी चरण सिंह के पोते हैं… खेती पर पैनी नजर रहती है परिवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अच्छे से रहें। उनका सम्मान बरकरार रहे।
इससे पहले किसान आंदोलन को लेकर नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों पर अड़ियल रवैया अपना रही है, जो नुकसानदेह साबित हो रहा है। इस बीच उनके भाई राकेश टिकैत ने साफ कर दिया है कि अगर दो दिन के भीतर मामला नहीं सुलझा तो वे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
बता दें कि कई किसान संगठनों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ”दिल्ली चलो” आंदोलन का ऐलान किया है। दिल्ली बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान जुटे हुए हैं। इसके बीच शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और किसानों के बीच झड़प हो गई है। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं, जिससे दोनों पक्षों को चोटें आई हैं।


