Ghaziabad : मंगलवार (9 जनवरी) को गाजियाबाद नगर निगम बोर्ड की बैठक में गाजियाबाद (Ghaziabad) का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले पर निगम में पार्षदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। बीजेपी के कई नेता गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। हरनंदी नगर, गजप्रस्थ और दूधेश्वर नगर जैसे नामों पर विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव को अब मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। गाजियाबाद नगर निगम की बैठक में नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही हॉल में ‘जय श्री राम’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंज उठे। गाजियाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव का कुछ ही पार्षदों ने विरोध किया। अब गाजियाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश में कई रेलवे स्टेशनों और जिलों का नाम पहले ही बदला जा चुका है।
प्रदेश के एक और महत्वपूर्ण जिले का नाम बदलकर अलीगढ़ को ‘हरिगढ़’ करने की तैयारी है। दरअसल पिछले साल नवंबर में अलीगढ़ का नाम बदलने का प्रस्ताव अलीगढ़ नगर निगम में लाया गया था जिसे उन्होंने मंजूरी दे दी थी। ऐसे में अब अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ करने की राह आसान हो गई है। इससे पहले 2018 में यूपी सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था। 2021 में फैजाबाद जंक्शन का नाम भी बदलकर अयोध्या छावनी कर दिया गया। नाम बदलने की सूची में मुगलसराय जंक्शन भी शामिल है जिसका नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन रखा जाएगा। हाल ही में अयोध्या जंक्शन का नाम भी बदलकर अयोध्या धाम जंक्शन कर दिया गया। दिसंबर 2023 में गृह मंत्रालय ने गोरखपुर जिले के मुंडेरा बाजार का नाम बदलकर चौरी-चौरा और देवरिया जिले के तेलिया अफगान गांव का नाम बदलकर तेलिया शुक्ल करने को मंजूरी दे दी।


