Rajya Sabha : राज्यसभा (Rajya Sabha) चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को कई झटके लगे। कई सपा विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को अपना वोट दिया। सपा को सबसे बड़ा झटका उसके ही विधायक मनोज पांडे से लगा। दरअसल मनोज पांडे सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबी थे। वह न केवल सपा विधायक थे बल्कि विधानसभा में पार्टी के चीफ व्हिप भी थे।
राज्यसभा चुनाव के दौरान मनोज पांडे ने अपनी ही पार्टी से बगावत कर दी और बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया। इसके बाद से ही मनोज पांडे विवादों के घेरे में हैं। इस दौरान मनोज पांडे ने अपनी ही पार्टी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार भगवान श्रीराम का राजनीतिकरण कर उनका अपमान कर रही है। यहां तक कि सपा में रामचरितमानस, भगवान हनुमान, देवी लक्ष्मी और सनातन धर्म का भी अपमान किया गया।
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मनोज पांडे ने कहा कि ये सब उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मनोज पांडे ने कहा कि इसलिए उन्होंने अपने विवेक से यह फैसला लिया। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी लगातार कुछ जाति और धर्म के लोगों का अपमान कर रही है। ऐसा करने का अधिकार किसी को नहीं है। सपा में लगातार हिंदू देवी-देवताओं पर की जा रही अभद्र टिप्पणियाँ बर्दाश्त के बाहर थीं।
मनोज पांडे ने कहा कि इन सब बातों से उन्हें काफी दुख पहुंचा है। मनोज पांडे ने अखिलेश यादव की कार्रवाई का सामना करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जो भी कार्रवाई करेंगे वह उसका सामना करेंगे। मनोज पांडे ने कहा कि उनके लिए राजनीति का लक्ष्य सिर्फ पैसा और पद नहीं है बल्कि राजनीति का मतलब गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए लड़ना है।
मनोज पांडे बोले कि मैंने पार्टी को 31 साल दिये हैं। मैंने पार्टी के लिए लाठी भी खाई है और जेल भी गया हूं। इस दौरान मनोज पांडे ने कहा कि भगवान श्रीराम के दर्शन करने से हमें कोई नहीं रोक सकता। लोहिया और मुलायम सिंह यादव हमेशा एकता की बात करते थे। लेकिन देवी-देवताओं का अपमान भारत में रहने वाला कोई भी हिंदू बर्दाश्त नहीं कर सकता। इस दौरान सपा विधायक ने कहा कि वह रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या भी जाएंगे।


