Sambhal : उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के बाद भड़की हिंसा पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोनों नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अगर पुलिस पर भरोसा नहीं है तो अपनी सुरक्षा हटा लें।”
आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान
- मस्जिद के इतिहास पर जोर
- आचार्य ने दावा किया कि जामा मस्जिद पहले एक मंदिर था और इसका जिक्र बाबरनामा में भी है।
- उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को ऐतिहासिक दृष्टि से देखना चाहिए।
- कोर्ट के आदेश पर सर्वे
- उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का आदेश अदालत ने दिया था, न कि सरकार ने।
- पुलिस का काम अदालत के आदेश का पालन कराना है, जो उन्होंने किया।
- हिंसा को बताया सुनियोजित
- उन्होंने सवाल उठाया कि मस्जिद के पास हजारों लोग कैसे इकट्ठा हुए।
- इसे “प्लान्ड हिंसा” करार देते हुए आचार्य ने कहा कि मौतों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
- सपा नेताओं पर निशाना
- आचार्य ने कहा, “अगर माता प्रसाद पांडेय और अखिलेश यादव को पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो वे अपनी सुरक्षा हटा लें।”
- उन्होंने नेताओं से “सच को स्वीकार करने” की अपील की।
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सपा का पलटवार
सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी:
- अखिलेश को बताया “विकास का खिलाड़ी”
- अनुराग ने कहा कि अखिलेश यादव विकास और भाईचारे की राजनीति करते हैं।
- सर्वे पर सवाल
- उन्होंने पूछा, “19 नवंबर को सर्वे पूरा होने के बाद दोबारा सर्वे क्यों किया गया?”
- इंटेलिजेंस फेलियर पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
राजनीतिक विवाद और तीखी बयानबाजी
संभल (Sambhal) की हिंसा और जामा मस्जिद के सर्वे के मुद्दे ने प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
- भाजपा समर्थक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जहां अदालत और पुलिस का बचाव किया, वहीं सपा ने प्रशासन और सर्वे की मंशा पर सवाल खड़े किए।
- यह विवाद चुनावी मौसम में धर्म, इतिहास, और कानून के मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने का संकेत देता है।


