UP News : उत्तर प्रदेश के इटावा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मौसा और मौसी ने मिलकर अपनी 14 वर्षीय भतीजी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना बलरई थाना क्षेत्र के जखन गांव की है। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली वे घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा मामले की जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि दो महीने पहले मौसा सत्यभान अपनी नाबालिग भतीजी अंजलि को उसके ननिहाल से अपने घर लेकर आए थे। अंजलि के पिता का दो साल पहले एक दुर्घटना में निधन हो गया था, जिसके बाद वह आर्थिक तंगी के चलते अपने नाना-नानी के साथ रह रही थी। घटना 21 अक्टूबर की है, जब अंजलि किसी से फोन पर बात कर रही थी।
इस पर मौसा को शक हुआ और उसने अंजलि की पिटाई शुरू कर दी, जिसमें मौसी भी शामिल हो गई। दोनों ने उसे इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद सत्यभान ने अपने ससुर पूरन सिंह को बुलाया और दोनों ने मिलकर अंजलि के शव को बोरी में बंद कर यमुना नदी में फेंक दिया। अंजलि की मां, सावित्री, जो राजस्थान के धौलपुर में रहती हैं, ने अपनी बेटी से संपर्क करने की कोशिश की।
बेटी से बात ना होने पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। जांच के बाद पता चला कि सत्यभान और उनके ससुर ने शव को यमुना नदी में फेंका था। हत्या के पांच दिन बाद पुलिस ने शव बरामद कर लिया। सावित्री ने आरोप लगाया कि पहले भी उनके पति की मृत्यु एक दुर्घटना के रूप में पेश की गई थी, जबकि यह हत्या थी, जिसमें सत्यभान का हाथ था। अब, बेटी की हत्या में भी उनकी बहन शामिल है। पुलिस ने इस मामले में सत्यभान, उनकी पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि अंजलि की मौत पिटाई से हुई थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए लाठी, मोगरी और स्कूटी को भी जब्त कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि अंजलि किसी लड़के से बात करती थी, जिसे लेकर मौसा ने मारपीट की, जिससे गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई।


