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Varanasi : सुप्रीम कोर्ट से मसाजिद कमेटी के हाथ लगी निराशा, हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

by | Feb 1, 2024 | अपना यूपी, आपका जिला, ख़बर, टॉपिक, ट्रेंडिंग, देश, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति, वाराणसी

Varanasi : ज्ञानवापी परिसर में व्यास आश्रम में पूजा पर प्रतिबंध लगाने के मामले की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद मस्जिद समिति ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मुस्लिम पक्ष के वकील जहीर असगर के मुताबिक वाराणसी (Varanasi) जिला न्यायालय द्वारा व्यास जी के आश्रम में पूजा की इजाजत देने के आदेश के खिलाफ समिति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार करने के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। साथ ही समिति को हाईकोर्ट जाने का सुझाव दिया। वाराणसी कोर्ट के आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने आज दोपहर तीन बजे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

जिसके बाद ही ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के आश्रम में पूजा की अनुमति दी गई थी। पुलिस अधीक्षक ने फाइल देखने के बाद मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। पुलिस अधीक्षक ने मुस्लिम वकीलों से कहा कि अगर आपको कोई राहत चाहिए तो आप हाई कोर्ट जा सकते हैं। गौरतलब है कि जिला अदालत ने यह प्रथा बंद होने के 30 साल बाद बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के आश्रम में पूजा और अनुष्ठान की अनुमति दी थी। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच आश्रम में पूजा-अर्चना शुरू करायी। गुरुवार को मंगला आरती भी की गई।

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वाराणसी (Varanasi) जिला न्यायालय के जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने बुधवार को अपने आदेश में उल्लेख किया था कि व्यास जी के आश्रम में मूर्तियों की पूजा और प्रसाद व्यास परिवार और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड के पुजारी द्वारा किया जाएगा। जिला जज ने रिसिविंग डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चौक थाना क्षेत्र के सेतु क्षेत्र में सेटलमेंट प्लॉट संख्या-9130 में भवन के दक्षिण में स्थित आश्रम में मूर्तियों की पूजा और प्रसाद पुजारियों द्वारा किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिसीवर जिला मजिस्ट्रेट इस संबंध में सात दिनों के भीतर लोहे की बाड़ की उचित व्यवस्था करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 फरवरी के लिए तय की है। इस दौरान याचिकाकर्ता और प्रतिवादी अपनी आपत्तियां पेश कर सकते हैं। बुधवार को अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के आश्रम को जिला मजिस्ट्रेट ने सील कर दिया और आश्रम में पूजा फिर से शुरू कर दी गई।

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