UP Politics : लोकसभा चुनाव 2024 के बाद अब उत्तर प्रदेश (UP) के सियासी दलों की नजर यहां होने वाले उपचुनाव पर हैं। बता दें कि उपचुनाव यूपी की 10 विधानसभा सीटों पर होने हैं। साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन उपचुनावों को काफी अहम माना जा रहा है।
10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कब होंगे?
चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। मगर इसको लेकर अब यूपी की राजनीति भी तेज हो गई है। यूपी (UP) के राजनीतिक दलों ने उपचुनाव को लेकर अपनी-अपनी तैयारियों शुरू कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार, एनडीए के घटक दलों ने भी उपचुनाव को लेकर कमर कस ली है। बीजेपी की सहयोगी पार्टियां भी उपचुनाव को लेकर अपनी दावेदारी ठोक रही हैं। निषाद पार्टी और जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल ने उपचुनाव में 2-2 सीट मांगी हैं।
ये भी पढ़ें : Aaj Ka Panchang :12 जुलाई 2024 का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य समय
सपा से कांग्रेस भी मांग रही सीट
सूत्रों के मुताबिक, निषाद समाज पार्टी ने मझवां सीट मांगी है। दरअसल इस सीट पर निषाद पार्टी के विनोद बिना विधायक थे। बीजेपी ने उन्हें भदोही लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया और वह चुनाव जीत गए। ऐसे में निषाद पार्टी को लगता है कि भाजपा को ये सीट उन्हें देनी चाहिए। उनका इस सीट पर दावा अधिक है। दूसरी तरफ अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट पर भी निषाद पार्टी की नजर है और वह चाहती है कि भाजपा ये सीट भी उसे दें।
बता दें कि इंडिया गठबंधन में कांग्रेस पार्टी ने भी इन 10 सीटों में तीन से चार सीटों पर अपना दावा ठोका है। कांग्रेस के भीतर यूपी के नेता चाहते हैं कि कांग्रेस पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दोनों सीटें यानी गाजियाबाद और मीरपुर की सीट पर उपचुनाव लड़े। इसी के साथ कांग्रेस फूलपुर की सीट भी चाहती है। अब देखना ये होगा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव कांग्रेस को कितनी सीट देने के लिए तैयार होते हैं।


