Agra News : आगरा के एक वकील ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए न्यायालय में अपने ही किडनैपिंग मामले को लड़ा और अपराधियों को सजा दिलाने में सफलता हासिल की। यह कहानी 17 साल पहले की है, जब 10 जनवरी 2007 को खेरागढ़ कस्बे में रवि गर्ग के 7 साल के बेटे हर्ष का अपहरण किया गया था।
इस दिन, जब रवि गर्ग और उनके बेटे मेडिकल स्टोर पर थे, कुख्यात बदमाश गुड्डन काछी और उसके साथी वहां पहुंचे और हर्ष का अपहरण करने की कोशिश की। पिता ने विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गोली मार दी गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने परिवार को झकझोर दिया और हर्ष के अपहरण की घटना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
17 साल बाद 8 बदमाशों को दिलाई सजा
पुलिस (Agra News) ने इस मामले में 14 बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की और हर्ष को सुरक्षित मुक्त कराने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। जब बदमाश हर्ष को स्कूटर पर ले जा रहे थे, पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गुड्डन काछी समेत 8 लोगों को जेल भेजा गया।
हर्ष गर्ग, जो इस घटना के गवाह थे, वो अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2022 में आगरा कॉलेज से लॉ पास किया। 2023 में बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद, उन्होंने अपने ही गुनाहगारों के खिलाफ केस लड़ने का निर्णय लिया।
हर्ष ने कोर्ट में खुद अपना केस लड़ा, जहां उन्होंने न्यायाधीश के सामने पूरी घटना की कहानी प्रस्तुत की। अंततः, 17 सितंबर 2023 को न्यायालय ने गुड्डन काछी, राजकुमार काछी, फतेह सिंह, अमर सिंह, भीकम सिंह, राम प्रकाश, बलवीर और राजेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस सफलता ने न केवल हर्ष के परिवार को खुशी दी है, बल्कि समाज को भी प्रेरित किया है कि साहस और संकल्प से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। हर्ष की लगन और समर्पण ने उन्हें इस कठिन यात्रा में सफल बनाया, जिससे उनका परिवार गर्व से भर गया है।
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