Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बुधवार को प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ के दौरान एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करेगी। यह बैठक प्रदेश के विकास और योजना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने का अवसर प्रदान करेगी। बताया गया है कि यूपी कैबिनेट के सभी 54 मंत्री इस बैठक में शामिल होंगे, और इस दौरान राज्य के लिए 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों और योजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और उनके कैबिनेट सहयोगी संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे, जो एक धार्मिक और राजनीतिक घटना का संगम होगा।
सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर असर
बैठक त्रिवेणी संकुल में होगी, जिसे पहले मेला प्राधिकरण सभागार में आयोजित किया जाना था। हालांकि, वीआईपी सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए बैठक स्थल में बदलाव किया गया है। कैबिनेट बैठक के बाद, पूरा मंत्रिमंडल अरैल वीआईपी घाट से मोटरबोट से संगम की ओर प्रस्थान करेगा, जहां पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और अन्य कैबिनेट सदस्य धार्मिक अनुष्ठान करेंगे और संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे।
अखिलेश यादव का आरोप
जहां एक ओर योगी सरकार इस बैठक को महाकुंभ के आयोजन से जोड़कर धार्मिक और प्रशासनिक संदर्भ में दिखाने का प्रयास कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यादव ने कहा, “कुंभ और प्रयागराज वो स्थान नहीं है जहां पर राजनीतिक कार्यक्रम और फैसले लिए जाएं। कुंभ के स्थान पर कैबिनेट बैठक करना पूरी तरह से राजनीति है। हम में से बहुत से लोग गंगा स्नान करने गए होंगे और तस्वीर भी नहीं डाली होगी।” उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महाकुंभ को लेकर बढ़ती चर्चाओं की ओर इशारा करता है।
2019 में भी हुआ था ऐसा आयोजन
यह पहली (Akhilesh Yadav) बार नहीं है जब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल के साथ संगम पर डुबकी लगाने जा रहे हैं। इससे पहले 2019 के कुंभ मेला के दौरान भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों और अन्य संतों के साथ संगम में औपचारिक डुबकी लगाई थी। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से प्रदेश की छवि को मजबूत करना और श्रद्धालुओं के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजना होता है।


