Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में हुए मंगेश यादव एनकाउंटर के बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है मंगेश यादव एनकाउंटर का मामला?
पिछले महीने सुल्तानपुर के ठठेरी बाजार में ओम ऑर्नामेंट्स नामक ज्वैलरी शॉप में दिनदहाड़े पांच बदमाशों ने डकैती डाली थी, जिसमें करीब 1.40 करोड़ की ज्वेलरी और नकदी लूटी गई थी। इस घटना के बाद राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) इन बदमाशों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान, 28 अगस्त को मंगेश यादव और उसके कुछ साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 7 सितंबर को, पुलिस ने एक मुठभेड़ में मंगेश यादव को मार गिराया।
अखिलेश यादव के आरोप
मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह एनकाउंटर फर्जी था। अखिलेश ने दावा किया कि सत्ता पक्ष का इस डकैती के मुख्य आरोपियों से गहरा संबंध था। उन्होंने कहा कि मंगेश यादव ने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन जाति के आधार पर उसे मारा गया।
अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “सत्ता पक्ष का डकैतों से गहरा संपर्क था, इसलिए नकली एनकाउंटर से पहले मुख्य आरोपी से सरेंडर कराया गया और कुछ लोगों को सिर्फ दिखावे के लिए गोली मारी गई।”
एनकाउंटर की निंदा और मुआवजे की मांग
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस फर्जी एनकाउंटर की निंदा करते हुए कहा कि सरकार को सर्राफा व्यवसायी को मुआवजा देना चाहिए, क्योंकि इस तरह की घटनाओं से व्यापारियों को मानसिक और आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा, “सरकार को लूटी गई संपत्ति को वापस करना चाहिए और व्यापारी को मुआवजा देना चाहिए।”
कानून-व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नकली एनकाउंटर से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि असली कानून-व्यवस्था को लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “नकली एनकाउंटर रक्षक को भक्षक बना देते हैं। भाजपा राज अपराधियों के लिए ‘अमृतकाल’ है। जब तक जनता का दबाव नहीं बनता, लूट में हिस्सेदारी जारी रहती है, और जब जनता आक्रोशित होती है, तब नकली एनकाउंटर का नाटक रचा जाता है।”


