Ayodhya News : कार्तिक माह की पूर्णिमा को लेकर हर वर्ष अयोध्या में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और मेले आयोजित होते हैं, और इस बार भी यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन बनकर सामने आया। शुक्रवार को आयोजित कार्तिक पूर्णिमा के अंतिम स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने पावन सरयू नदी में डुबकी लगाई। यह विशेष पर्व रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक बन चुका था, और जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, सरयू के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रगाढ़ होती गई।
नौ नवंबर को आरंभ हुए कार्तिक पूर्णिमा मेले का यह अंतिम दिन था, जिसे लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखने लायक थी। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा था। खासकर, सरयू नदी के घाटों पर जहां पवित्र स्नान की परंपरा है, वहां सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। सूर्योदय के बाद से लेकर पूर्वाह्न तक, श्रद्धालुओं का यह सिलसिला अनवरत जारी रहा।
नदियों की पूजा और पवित्रता को लेकर भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन सरयू में स्नान करने से पापों के नाश और पुण्य की प्राप्ति का विश्वास है, जो श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से निभाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सरयू पूजन, अर्चन और गोदान की परंपरा का पालन करते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
मेला क्षेत्र (Ayodhya News) में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरी मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। साथ ही, प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी।


