Bahraich Bulldozer Action : बहराइच जिले में भेड़ियों के आतंक के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई का मुद्दा सुर्खियों में है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद आज सुबह 10 बजे से बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाने की योजना बनाई गई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से सरकारी जमीन पर बने अवैध भवनों को ध्वस्त करने के लिए है, जिनमें से अधिकतर भवन मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं।
23 अवैध भवनों पर चलेगा बुलडोजर
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने 23 भवनों को चिन्हित किया है, जिन पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इनमें 8 से 9 दुकानें, 4 छोटे मकान और 4 बड़े मकान शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ टीन शेड भी अतिक्रमण के रूप में बने हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि ये सभी भवन अवैध हैं और सरकारी भूमि पर बनाए गए हैं।
प्रशासन ने इस कार्रवाई की पूर्व सूचना देने के लिए लाउडस्पीकर का सहारा लिया है। इसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने अपने भवनों को खाली कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम ने एसपी से पीएसी की भी मांग की है, ताकि शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
यह विवाद मुख्य रूप से कैसरगंज तहसील क्षेत्र के फखरपुर थाना अंतर्गत सराय जगना (वजीरगंज बाजार) में स्थित सरकारी भूमि से संबंधित है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार, गाटा संख्या 211, 212 और 92 खलिहान और रास्ते के रूप में दर्ज हैं। राजस्व मैनुअल के अनुसार, इन भूमि पर कोई व्यक्तिगत अतिक्रमण अवैध माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन तीनों गाटों पर सैकड़ों अस्थाई और स्थाई मकान तथा दुकानें बनी हुई हैं। वजीरगंज बाजार क्षेत्र के निवासी यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन 23 नहीं बल्कि 119 घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रहा है। कई निवासियों ने यह भी दावा किया है कि यहां प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाएं भी लागू हैं।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
यह मामला उच्च न्यायालय में पहुँच गया था, जहां न्यायालय ने अतिक्रमण को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने पहले लोगों को नोटिस भेजा, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला फिर से हाई कोर्ट में गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आज सुबह 10 बजे तक बुलडोजर चलाने का फैसला किया।


