Bahraich Wolf Attack : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इन दिनों भेड़ियों का आतंक लोगों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस भयावह स्थिति में लोग हर समय डर के साये में जीने को मजबूर हैं। पिछले 50 दिनों में 30 गांवों में भेड़ियों के हमले से अब तक 9 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। इसके अलावा, 35 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों की रातें जागकर पहरा देने में बीत रही हैं, और माताएं अपने बच्चों को लेकर घरों में दुबकी हुई हैं।
वन मंत्री अरुण सक्सेना का बयान
उत्तर प्रदेश के वन मंत्री अरुण सक्सेना का बयान लोगों के लिए और अधिक निराशाजनक साबित हुआ है। सोमवार को बिजनौर दौरे के दौरान, जहां इन दिनों गुलदार का आतंक फैला हुआ है, पत्रकारों ने उनसे जंगली जानवरों के हमलों के बारे में सवाल किया। उनके जवाब ने सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार स्थिति बेहतर है और पिछले साल की तुलना में कम लोगों की मौत हुई है। उन्होंने इसे स्थिति में सुधार के रूप में पेश किया, जबकि बहराइच में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
वन मंत्री का यह बयान बहराइच में भेड़ियों से जूझ रहे लोगों की पीड़ा को कमतर आंकने जैसा है। उनकी इस टिप्पणी ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, खासकर उन परिवारों की जो अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
बहराइच के निवासियों के लिए स्थिति अब भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि कब तक उन्हें इस खौफनाक दौर का सामना करना पड़ेगा और कब वन विभाग और सरकार उनके इस दर्द को समझते हुए ठोस कदम उठाएंगे।


