Bharat Band : सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर के मामले में दिए गए फैसले के विरोध में देशभर में आज भारत बंद का आयोजन किया गया। इस बंद का आह्वान कई संगठनों और दलित संगठनों द्वारा किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) जैसी प्रमुख पार्टियों ने भी इस बंद का समर्थन किया।
यूपी में भारत बंद का असर
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारत बंद (Bharat Band) का व्यापक असर देखा जा रहा है। बिजनौर, अलीगढ़, हापुड़ समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर रोड जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सपा, बसपा, और आजाद समाज पार्टी सहित कई दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
चंद्रशेखर आजाद का प्रदर्शन
भीम आर्मी चीफ और आजाद समाज पार्टी के मुखिया, चंद्रशेखर आजाद, ने भी इस बंद का नेतृत्व किया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “उसूलों पे जहाँ आँच आये तो टकराना ज़रूरी है, जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है।” उनके इस ट्वीट से स्पष्ट है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूरी तरह से संघर्ष के मूड में हैं।
प्रदर्शन का कारण
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के संदर्भ में एक अहम फैसला सुनाया था। इस फैसले में कोर्ट ने राज्य सरकारों को अनुमति दी कि वे SC और ST समुदायों के भीतर अलग-अलग श्रेणियां बना सकते हैं, जिससे आरक्षण का लाभ सबसे अधिक जरूरतमंदों तक पहुँच सके। कोर्ट के इस फैसले को कई दलित संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने गरीब तबके के लिए आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर करने वाला बताया है। उनके अनुसार, यह फैसला सामाजिक न्याय के खिलाफ है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
इस बंद को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखने को मिल रही है। विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है और इसे दलित समुदाय के खिलाफ बताया है। वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


