Breaking News : भारत के सुप्रीम कोर्ट का आधिकारिक यूट्यूब चैनल शुक्रवार को हैक हो गया, जिससे न केवल चैनल की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट होता है कि हैकर्स कैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी निशाना बना रहे हैं। हैक के बाद चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया गया, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी एक्सआरपी का विज्ञापन था। यह वीडियो “ब्रैड गारलिंगहाउस: रिपल रिस्पॉन्ड्स टू द एसईसी $2 बिलियन फाइन! एक्सआरपी प्राइस प्रीडिक्शन” शीर्षक के साथ प्रसारित हो रहा था।
सुप्रीम कोर्ट का यूट्यूब चैनल संवैधानिक पीठों के समक्ष सूचीबद्ध मामलों और जनहित से जुड़े मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए महत्वपूर्ण है। हाल ही में, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लेडी ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस की सुनवाई का लाइव प्रसारण भी इसी चैनल पर किया गया था।
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हैकिंग की इस घटना के बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम इस बारे में निश्चित नहीं हैं कि वास्तव में क्या हुआ है। लेकिन ऐसा लगता है कि वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ की गई है।” उन्होंने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट की आईटी टीम ने इस समस्या को हल करने के लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) से मदद मांगी है।
इस घटना से यह भी उजागर होता है कि हैकर्स इन दिनों लोकप्रिय यूट्यूब चैनलों को बड़े पैमाने पर निशाना बना रहे हैं। रिपल, जो एक्सआरपी क्रिप्टोकरेंसी का विकास करने वाली यूएस-बेस्ड कंपनी है, ने हाल ही में अपने सीईओ ब्रैड गारलिंगहाउस का फर्जी अकाउंट बनाने के खिलाफ यूट्यूब पर मुकदमा दायर किया है।
इस घटना (Breaking News) ने सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाते हुए यह स्पष्ट किया है कि किसी भी संस्था की डिजिटल सुरक्षा को गंभीरता से लेना कितना आवश्यक है। आने वाले समय में, उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान अपनी ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
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