CM Yogi : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में रामनाथ स्वामी मंदिर के कुंभाभिषेकम और जीर्णोद्धार समारोह में अयोध्या और तमिलनाडु के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि अयोध्या और तमिलनाडु का एक विशेष संबंध हजारों वर्षों पुराना है। भगवान श्रीराम जब सीता माता की खोज के लिए श्रीलंका की ओर बढ़े थे, तब उन्होंने तमिलनाडु के रामेश्वरम में भगवान शिव की आराधना की थी। उसी स्थान पर आज रामेश्वरम मंदिर स्थित है। श्रीराम ने भगवान शिव की कृपा से सेतुबंध का निर्माण भी किया था, जो रामायण काल से ही दोनों स्थानों के बीच एक मजबूत आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एक मान्यता यह भी है कि जब भगवान श्रीराम माता सीता को लेकर वापस आ रहे थे, तब उन्होंने रामनाथ स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने इस अवसर पर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में रामनाथ स्वामी का मंदिर बनकर तैयार हो गया है, जो उत्तर और दक्षिण भारत के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को और गहरा करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा का भी उल्लेख किया, जिनकी पहल से काशी तमिल संगम के दो संस्करण पहले ही संपन्न हो चुके हैं। अब अयोध्या धाम भी तमिलनाडु से आध्यात्मिक रूप से जुड़ गया है, जो देश की विविधता में एकता के विचार को और बल प्रदान करता है।
अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डाला
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को विभाजित करने की राजनीतिक संकीर्णता के बीच रामनाथ स्वामी मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह एक नई प्रेरणा बन सकता है। यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को और मजबूत करने के लिए प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हर कालखंड में एक रहा है, और यह वेद, शास्त्र और संतों की परंपरा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने अयोध्या को दुनिया की सबसे सुंदर आध्यात्मिक नगरी बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को चौथी बार 30 दिनों के भीतर अयोध्या का दौरा किया। उन्होंने रामसेवक पुरम में दक्षिण भारतीय परंपरा के पहले शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की, जहां उन्होंने मंदिर के शिखर पर 25 फीट ऊंचा कलश स्थापित किया। यहां दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया, जो उत्तर और दक्षिण के बीच सांस्कृतिक संबंधों का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।


