गाजियाबाद। प्रख्यात साहित्यकार से. रा. यात्री का निधन हो गया है। उन्होंने शुक्रवार तड़के करीब चार बजे अपने कविनगर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार दोपहर बाद हिंडन नदी तट पर किया जाएगा। वे 91 वर्ष के थे। भारतीय साहित्य सृजन के दिव्यपुंज से. रा. यात्री को दीपशिखा पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। 1971 ई. में दूसरे चेहरे नामक कथा संग्रह से साहित्य यात्रा की शुरुआत की।
चार दशकों के अपने लेखकीय यात्रा में उन्होंने 18 कथा संग्रह, 33 उपन्यास, 2 व्यंग्य संग्रह, 1 संस्मरण तथा 1 संपादित कथा संग्रह हिंदी जगत के पाठकों को दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से संचालित पुरस्कार योजना के तहत 2008 का महात्मा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया था। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक व्याप्त हो गया है। कई साहित्यकारों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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गाजियाबाद में डॉ. कुंअर बेचैन के बाद एक और सिद्धहस्त साहित्यकार के निधन से गाजियाबाद साहित्य जगत को भारी क्षति पहुंची है। उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फर नगर के एक गांव जड़ोदा में जन्में सेवा राम यात्री की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ़्फर नगर में हुई। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से 1955 और 1957 में राजनीति विज्ञान तथा हिन्दी साहित्य में एमए किया। गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज में प्रवक्ता भी रहे।


