Ghazipur News : डीडीयू (दीनदयाल उपाध्याय) जंक्शन से मोकामा जा रहे दो आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) जवानों के शव गाजीपुर जिले के रेलवे ट्रैक पर मिलने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, और प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। शवों की अर्धनग्न अवस्था में बरामदगी और चोटों के निशान इस संदेह को और गहरा करते हैं।
मृतकों की पहचान और घटना की जानकारी
मृतकों की पहचान जमानिया थाना क्षेत्र के देवैथा गांव निवासी जावेद खान (पुत्र फिरोज खान) और भोजपुर (आरा), बिहार निवासी प्रमोद कुमार सिंह (पुत्र जवाहर सिंह) के रूप में हुई है। दोनों जवान डीडीयू जंक्शन से मोकामा जाने के लिए ट्रेन संख्या 15631 बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस से सोमवार रात 12:50 बजे रवाना हुए थे। उन्हें मंगलवार सुबह 8:00 बजे मोकामा में रिपोर्टिंग करनी थी, जिसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन मोकामा नहीं पहुंचने पर संबंधित विभाग ने डीडीयू आरपीएफ कमांडेंट को इसकी सूचना दी।
शवों की बरामदगी और प्रारंभिक जांच
मंगलवार की सुबह गहमर थाना क्षेत्र के देवकली और बकैनिया गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर दोनों जवानों के क्षत-विक्षत शव मिले। स्थानीय पुलिस द्वारा शवों की पहचान न हो पाने के कारण उन्हें अज्ञात मानकर मर्चरी हाउस, गाजीपुर भेज दिया गया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जवान जावेद खान के चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें पाई गईं, जबकि प्रमोद कुमार सिंह का शव पूर्णतः नग्न अवस्था में ट्रैक किनारे झाड़ियों में मिला। यह स्थिति किसी हिंसात्मक घटना की ओर इशारा करती है, जिससे हत्या की संभावना प्रबल होती है।
परिजनों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जावेद खान के भाई फैजान खान ने मृतक की पहचान करते हुए हत्या की आशंका जताई है। वहीं, इस मामले में गाजीपुर (Ghazipur News)के एसपी इरज राजा ने बताया कि दोनों जवान आरपीएफ के थे और मुगलसराय जंक्शन पर तैनात थे। वे बाड़मेर एक्सप्रेस से मोकामा के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। दोनों जवानों के शव रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और गहनता से जांच की जा रही है।
जांच की दिशा और आगे की कार्यवाही
फिलहाल, गाजीपुर पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी और अन्य संबंधित विभागों द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है। घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए मोबाइल ट्रेसिंग, गवाहों के बयान और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यह घटना एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है, और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।


