राजनीति

अपना यूपी

क्राइम

बड़ी खबर

स्पोर्ट्स

वेब स्टोरीज

खबर

I-Pac ED Raid: I-PAC छापे पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी सुनवाई, ED–बंगाल सरकार के बीच सीधा टकराव

by | Jan 15, 2026 | ख़बर, ट्रेंडिंग, बड़ी खबर, मुख्य खबरें

I-Pac ED Raid: सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल से जुड़े एक संवेदनशील राजनीतिक–कानूनी विवाद पर जोरदार बहस देखने को मिली। कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और कथित तौर पर राज्य सरकार के हस्तक्षेप को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत में माहौल काफी गर्म रहा। केंद्रीय एजेंसी और बंगाल सरकार की दलीलों ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

ED ने अदालत में कहा कि वैधानिक प्रक्रिया के तहत की जा रही तलाशी के दौरान जांच में बाधा पहुंचाई गई। एजेंसी के मुताबिक, सत्ता से जुड़े प्रभावशाली तत्वों की मौजूदगी के कारण जांच प्रभावित हुई और जरूरी दस्तावेज व डिजिटल डेटा सुरक्षित नहीं रह सका। ED ने इसे केवल एक घटना नहीं, बल्कि बार-बार दोहराया जाने वाला रवैया बताया।

केंद्रीय पक्ष की ओर से कहा गया कि रेड के समय वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिससे जांच एजेंसी पर अप्रत्यक्ष दबाव बना। ED ने इसे संस्थागत स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि इससे केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज पर असर पड़ता है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में कथित अव्यवस्था पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जांच या अदालत की कार्यवाही में किसी भी तरह का दबाव लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अदालत ने संकेत दिए कि वह मामले के संवैधानिक पहलुओं को गंभीरता से परखेगी।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने ED के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनावी माहौल में ही I-PAC जैसे रणनीतिक संगठन को निशाना क्यों बनाया गया। सिब्बल ने दलील दी कि अगर एजेंसी को जानकारी चाहिए थी, तो नोटिस के जरिए भी प्रक्रिया अपनाई जा सकती थी।

बंगाल सरकार का कहना है कि I-PAC एक पेशेवर संगठन है, जो चुनावी रणनीति से जुड़ा काम करता है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले हुई रेड की टाइमिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सरकार ने इसे राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली कार्रवाई बताया।

ED ने जहां अहम दस्तावेज और डेटा गायब होने का आरोप लगाया, वहीं राज्य सरकार ने पंचनामा का हवाला देते हुए कहा कि केवल सीमित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ही जब्त किए गए और वह भी कानून के तहत।

ED ने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच की मांग की है। एजेंसी का तर्क है कि स्वतंत्र जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

यह विवाद सिर्फ I-PAC रेड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकार, चुनावी निष्पक्षता और जांच एजेंसियों की स्वायत्तता से जुड़ा बड़ा संवैधानिक सवाल बन गया है। सुप्रीम कोर्ट का आगे का रुख इस बहस की दिशा तय कर सकता है।

ये भी पढ़ें: Switzerland Bar Blast: नए साल के जश्न में मातम, स्विस बार विस्फोट में 47 की मौत

ये भी देखें: Mithun Chakraborty: मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा बयान

अपना यूपी

क्राइम

आपका जिला

वीडियो

ट्रेंडिंग

बड़ी खबर